उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का तमिलनाडु दौरा शुरू (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का तमिलनाडु दौरा शुरू,कोयंबटूर में हुआ गर्मजोशी से स्वागत;केरल और लक्षद्वीप भी जाएँगे

कोयंबटूर,29 अगस्त (युआईटीवी)- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार को तमिलनाडु के दौरे पर पहुँचे। कोयंबटूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल थिरु राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, राज्य सरकार में पिछड़ा वर्ग,अत्यंत पिछड़ा वर्ग और विमुक्त समुदाय कल्याण मंत्री थिरु वी. संपत कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति के इस दौरे में तमिलनाडु के अलावा कर्नाटक,केरल और लक्षद्वीप के कई कार्यक्रम शामिल हैं। अगले कुछ दिनों में वह शिक्षा,संस्कृति, उद्योग-अकादमिक सहयोग और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न आयोजनों में हिस्सा लेंगे।

तमिलनाडु पहुँचने के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इरोड जाएँगे। वहाँ वह कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कोंगु वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपराष्ट्रपति इस अवसर पर छात्रों,शिक्षकों और संस्थान से जुड़े लोगों को संबोधित भी कर सकते हैं। तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़ने की जरूरत पर लगातार जोर दिया जा रहा है और ऐसे आयोजनों के जरिए शिक्षा जगत और सार्वजनिक जीवन के बीच संवाद को बढ़ावा मिलता है।

तमिलनाडु के कार्यक्रम के बाद उपराष्ट्रपति बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। कर्नाटक की राजधानी में वह विधानसौधा में आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कर्नाटक के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रामकृष्ण हेगड़े के योगदान को याद किया जाएगा। उनके सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक कार्यों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

इसके बाद उपराष्ट्रपति का दौरा केरल की ओर होगा। 30 अगस्त को वह केरल पहुँचेंगे और उनके दौरे की शुरुआत अलाप्पुझा से होगी। यहाँ वह लियो हायर सेकेंडरी स्कूल में केरल कौमुदी की 115वीं वर्षगांठ से जुड़े समारोह में भाग लेंगे। केरल कौमुदी राज्य के प्रमुख मलयालम समाचार पत्रों में से एक है और उसकी लंबी यात्रा को लेकर आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति की मौजूदगी महत्वपूर्ण होगी। इस अवसर पर पत्रकारिता, सामाजिक जागरूकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है।

अलाप्पुझा के बाद उपराष्ट्रपति पथानामथिट्टा जाएँगे। यहाँ वह अरनमुला जल महोत्सव 2026 का उद्घाटन करेंगे। अरनमुला की पारंपरिक नौका संस्कृति और स्थानीय विरासत से जुड़ा यह आयोजन केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जल महोत्सव के माध्यम से राज्य की पारंपरिक संस्कृति,सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय विरासत को सामने लाने का अवसर मिलता है। उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होने से इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष महत्व मिल सकता है।

इसके बाद सीपी राधाकृष्णन तिरुवनंतपुरम जाएँगे,जहाँ वह ओणम से जुड़े एक उत्सव का उद्घाटन करेंगे। ओणम केरल का प्रमुख सांस्कृतिक त्योहार है और राज्य की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस कार्यक्रम में पारंपरिक कला,संस्कृति और सामुदायिक उत्सव की झलक देखने को मिलेगी। उपराष्ट्रपति के इस कार्यक्रम में शामिल होने से केरल की सांस्कृतिक विरासत के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान का संदेश भी जाएगा।

उपराष्ट्रपति का दौरा केवल दक्षिण भारत के राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। 31 अगस्त को वह केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के अगत्ती का दौरा करेंगे। यहाँ मत्स्य पालन,पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि होंगे। लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े सरकारी कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति की भागीदारी स्थानीय विकास,आजीविका और संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।

अगत्ती के कार्यक्रम के बाद उपराष्ट्रपति केरल लौटेंगे। कोच्चि में वह राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह कक्कानाड स्थित आरएसईटी ऑडिटोरियम में कॉन्फ्लुएंस 3.0 उद्योग-अकादमिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना आज के समय में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे शिखर सम्मेलनों के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर चर्चा होती है।

उपराष्ट्रपति का यह बहु-राज्यीय दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं पर भी जोर दिया जा रहा है। दौरे से एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में ‘ज्ञानी अर्थ’ का शुभारंभ किया था। इसे ज्ञानी एआई द्वारा विकसित एक स्वतंत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढाँचे के रूप में पेश किया गया है,जिसमें इवोन 3.3 और प्लेक्सस शामिल हैं।

इवोन 3.3 एक बड़ा भाषा मॉडल है,जबकि प्लेक्सस ऐसा मंच है,जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता को वास्तविक दुनिया के कार्यों और संस्थानों से जोड़ने का काम करता है। ‘ज्ञानी अर्थ’ के शुभारंभ के मौके पर उपराष्ट्रपति ने इसे भारतीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इवोन 3.3 और प्लेक्सस का संयोजन यह दर्शाता है कि भारतीय इंजीनियर केवल अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं हैं,बल्कि वे ऐसी तकनीकों का निर्माण करने की क्षमता भी रखते हैं।

सीपी राधाकृष्णन ने भारत में विकसित तकनीकी क्षमताओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ तेजी से बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुरूप नए समाधान तैयार कर रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं का विकास भारत के तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उपराष्ट्रपति का आगामी दौरा शिक्षा,संस्कृति,तकनीक,उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को एक साथ जोड़ता है। तमिलनाडु में तकनीकी शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम से लेकर कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री के योगदान को याद करने वाले समारोह,केरल में पत्रकारिता और सांस्कृतिक आयोजनों तथा लक्षद्वीप में मत्स्य पालन से जुड़े कार्यक्रम तक उनके दौरे का दायरा काफी व्यापक है।

इस दौरे के जरिए उपराष्ट्रपति विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय संस्थानों, शिक्षण समुदाय,सांस्कृतिक संगठनों और उद्योग जगत के साथ संवाद करेंगे। साथ ही, तकनीकी शिक्षा,उद्योग-अकादमिक सहयोग,सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा। दक्षिण भारत के इन अलग-अलग क्षेत्रों की यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति की मौजूदगी राष्ट्रीय संस्थानों और स्थानीय समुदायों के बीच संपर्क को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेगी।