वियतनाम नौका हादसा (तस्वीर क्रेडिट@axis_metro16892)

वियतनाम नौका हादसा: 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर आज भारत पहुँचेंगे,हादसे में चालक गिरफ्तार

हनोई,13 जुलाई (युआईटीवी)- वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के निकट हुए दर्दनाक नौका हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर सोमवार को भारत लाए जाएँगे। इस दुखद घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी पार्थिव शरीर वियतनाम एयरलाइंस की विशेष उड़ान से हो ची मिन्ह सिटी से मुंबई लाए जाएँगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से उन्हें उनके गृह राज्यों तक पहुँचाया जाएगा, ताकि परिजन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

शनिवार को दक्षिणी वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के निकट भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक पर्यटक नौका समुद्र में पलट गई थी। इस भीषण हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य यात्रियों को बचा लिया गया। मृतकों में तमिलनाडु के 10 पर्यटक शामिल हैं। बताया गया कि यह यात्रा एक निजी कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए पुरस्कार स्वरूप आयोजित की गई थी,लेकिन यह खुशी का अवसर कुछ ही क्षणों में एक बड़े हादसे में बदल गया।

भारतीय दूतावास के अनुसार,वियतनाम एयरलाइंस की उड़ान सोमवार को स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे हो ची मिन्ह सिटी से रवाना होगी और भारतीय समयानुसार रात लगभग साढ़े नौ बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। इसके बाद राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पार्थिव शरीरों को उनके अंतिम गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था की जाएगी।

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि 11 जुलाई को हुए इस दर्दनाक नौका हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर भारत भेजे जा रहे हैं। दूतावास ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में भारतीय मिशन प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता के लिए उपलब्ध है।

दूतावास ने यह भी बताया कि सभी संबंधित राज्य सरकारों को पहले ही इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक उनके गृह नगरों तक पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कराया जा रहा है।

इस बीच, हादसे की जाँच में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। दक्षिणी वियतनाम के एन जियांग प्रांत की पुलिस ने नौका दुर्घटना से जुड़े कथित कानूनी उल्लंघनों के आरोप में नौका चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 57 वर्षीय गुयेन होंग हाई के रूप में हुई है। वह एन जियांग प्रांत के सोन कियेन कम्यून के थुआन तिएन गांव का निवासी है और फिलहाल फु क्वोक विशेष क्षेत्र में रह रहा था।

स्थानीय पुलिस के अनुसार,प्रारंभिक जाँच के आधार पर हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जाँच की जा रही है। फिलहाल अधिकारियों ने दुर्घटना के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी,मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों,मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुआ।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार,दुर्घटनाग्रस्त नौका में लगभग 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। इनमें 17 पर्यटक तमिलनाडु के थे,जबकि अन्य यात्री आंध्र प्रदेश,तेलंगाना और केरल से संबंधित थे। सभी पर्यटक दक्षिणी वियतनाम के प्रसिद्ध समुद्री पर्यटन क्षेत्र फु क्वोक द्वीप की यात्रा पर गए थे। यह द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता,समुद्री तटों और जल क्रीड़ाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध माना जाता है।

हादसा उस समय हुआ जब नौका फु क्वोक द्वीप के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में पर्यटन यात्रा पर थी। अचानक नौका पलटने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग समुद्र में गिर गए और सहायता के लिए पुकारने लगे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल,बचाव दल और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

बचाव दल ने कई यात्रियों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाला। जिन लोगों की हालत गंभीर थी,उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। कई यात्रियों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया,जिनकी जान बचाने के लिए मौके पर ही कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया। राहत एवं बचाव दल ने लगातार कई घंटों तक अभियान चलाकर सभी यात्रियों की तलाश की।

हालाँकि,बचाव कार्य के बावजूद 15 भारतीय पर्यटकों की जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों ने बाद में उनकी मृत्यु की पुष्टि की। अन्य यात्रियों को सुरक्षित बचाकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया,जहाँ उनका इलाज किया गया। कई घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

हादसे के बाद भारत और वियतनाम के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बना रहा। भारतीय दूतावास के अधिकारी अस्पतालों,स्थानीय प्रशासन और पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहे। पार्थिव शरीरों की पहचान,आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं और दस्तावेजी प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया,ताकि उन्हें जल्द-से-जल्द भारत भेजा जा सके।

यह दुर्घटना एक बार फिर विदेशी पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों और जल परिवहन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है। बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक हर वर्ष वियतनाम सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों की यात्रा करते हैं। ऐसे में समुद्री पर्यटन से जुड़े सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और नौकाओं की नियमित जाँच यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।

वियतनाम प्रशासन ने भी हादसे के बाद संबंधित एजेंसियों को जाँच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जाँच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया,तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नौका चालक की गिरफ्तारी को भी इसी जाँच का हिस्सा माना जा रहा है।

फिलहाल पूरे भारत में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है। मृतकों के परिजन अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर के भारत पहुँचने का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय दूतावास, वियतनाम प्रशासन और संबंधित राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि सभी पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके परिवारों तक पहुँचाए जाएँ। वहीं,हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है और उसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।