महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार (तस्वीर क्रेडिट@Surendra21286)

महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार,पाकिस्तान को 113 रनों से हराकर दर्ज की बड़ी जीत

लीड्स,24 जून (युआईटीवी)- महिला टी20 विश्व कप मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने हर विभाग में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 113 रनों के बड़े अंतर से पराजित कर दिया। हेडिंग्ले के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान को सिर्फ 86 रनों पर समेट दिया। इस एकतरफा जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने न केवल दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए,बल्कि खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में अपनी स्थिति भी और मजबूत कर ली।

200 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। लक्ष्य बड़ा था और टीम को तेज शुरुआत की जरूरत थी,लेकिन शुरुआती विकेटों के जल्दी गिरने से पाकिस्तान कभी भी मुकाबले में वापसी नहीं कर सका। टीम की सलामी बल्लेबाज गुल फिरोजा महज एक रन बनाकर रन आउट हो गईं। उनके जल्दी आउट होने से पाकिस्तान की पारी की नींव कमजोर पड़ गई।

इसके बाद सायरा जबीन भी बल्लेबाजी में कोई प्रभाव नहीं छोड़ सकीं और सिर्फ 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। पाकिस्तान की मुश्किलें तब और बढ़ गईं,जब आयशा जफर बिना खाता खोले रन आउट हो गईं। शुरुआती तीन विकेट बेहद कम स्कोर पर गिर जाने से टीम पूरी तरह दबाव में आ गई और बल्लेबाजों पर तेजी से रन बनाने का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया।

मध्यक्रम में इरम जावेद ने कुछ आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की और 9 गेंदों पर 14 रन बनाए,लेकिन वह अपनी पारी को लंबा नहीं खींच सकीं। जॉर्जिया वेयरहम ने उन्हें आउट कर पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया। इसके बाद मुनीबा अली ने संघर्ष करने का प्रयास किया और कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। उन्होंने 25 गेंदों में 32 रन बनाए और टीम की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। हालाँकि,वह भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं और एलिसा पेरी की गेंद पर गार्डनर को कैच देकर आउट हो गईं।

मुनीबा अली के आउट होने के बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। आलिया रियाज केवल 7 रन बना सकीं,जबकि कप्तान फातिमा सना से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं। उन्होंने कुछ अच्छे शॉट लगाए और 12 गेंदों में 17 रन बनाए,लेकिन वह भी एनाबेल सदरलैंड की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठीं। इसके बाद निचला क्रम पूरी तरह विफल साबित हुआ।

रमीन शमीम बिना खाता खोले रन आउट हो गईं और बाकी बल्लेबाज भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकीं। पाकिस्तान की आठ बल्लेबाज दहाई का आँकड़ा तक पार नहीं कर सकीं,जबकि तीन खिलाड़ी खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गईं। पूरी टीम 86 रनों पर सिमट गई और ऑस्ट्रेलिया ने मुकाबला 113 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।

ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी इस मैच में बेहद प्रभावशाली रही। अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा सोफी मोलिनक्स और एनाबेल सदरलैंड ने भी दो-दो विकेट हासिल किए। जॉर्जिया वेयरहम ने एक विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालाँकि,विकेटों की संख्या से अधिक प्रभाव उनकी अनुशासित गेंदबाजी का रहा,जिसने पाकिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के सामने 200 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा था। टीम की बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों ने उपयोगी योगदान दिया और शुरुआत से ही पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और नियमित अंतराल पर बाउंड्री हासिल की,जिससे स्कोर तेजी से आगे बढ़ता गया।

हालाँकि,पाकिस्तान की ओर से कुछ गेंदबाजों ने संघर्ष जरूर किया। सादिया इकबाल ने प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए। रमीन शमीम और नाशरा संधू ने भी दो-दो विकेट अपने नाम किए और ऑस्ट्रेलिया को और बड़ा स्कोर बनाने से रोकने का प्रयास किया,लेकिन ऑस्ट्रेलिया की गहरी बल्लेबाजी लाइनअप के सामने पाकिस्तान के गेंदबाजों की मेहनत पर्याप्त साबित नहीं हुई।

ऑस्ट्रेलिया के लिए एनाबेल सदरलैंड ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 18 गेंदों में चार चौकों की मदद से 27 रन बनाए और बाद में गेंदबाजी में भी दो विकेट लेकर मैच पर अपनी छाप छोड़ी। निकोला केरी ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 13 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाए,जिससे टीम 200 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुँचने में सफल रही।

ऑस्ट्रेलियाई टीम का यह प्रदर्शन एक बार फिर यह साबित करता है कि वह महिला क्रिकेट में क्यों सबसे सफल और संतुलित टीमों में गिनी जाती है। टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी, प्रभावी गेंदबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण का बेहतरीन संयोजन मौजूद है। यही कारण है कि टूर्नामेंट में अब तक उसका विजय अभियान लगातार जारी है।

दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी इकाई पूरी तरह विफल रही और बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय टीम में आत्मविश्वास की कमी भी दिखाई दी। क्षेत्ररक्षण और रन आउट के कारण गंवाए गए विकेटों ने भी पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ाईं। यदि टीम को आगे बेहतर प्रदर्शन करना है,तो उसे अपनी बल्लेबाजी और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान देना होगा।

हेडिंग्ले में खेला गया यह मुकाबला पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा। बल्लेबाजों ने मजबूत नींव रखी,गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया और क्षेत्ररक्षकों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलिया ने 113 रनों की विशाल जीत दर्ज करते हुए टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी को और मजबूत कर लिया,जबकि पाकिस्तान को निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम का आत्मविश्वास निश्चित रूप से और बढ़ेगा और वह आगामी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी।