यशस्वी जायसवाल

यशस्वी जायसवाल का लगातार दूसरा शतक,न्यूजीलैंड ए के खिलाफ भारत ने पहले दिन बनाए 227 रन

लिंकन,7 नवंबर (युआईटीवी)- न्यूजीलैंड ए के खिलाफ तीसरे और आखिरी अनाधिकारिक टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। शनिवार से शुरू हुए इस मुकाबले के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ए ने पहली पारी में दो विकेट के नुकसान पर 227 रन बना लिए थे। टीम के लिए सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने लगातार दूसरे मैच में शतक जड़कर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया। वहीं,दूसरे छोर पर साई सुदर्शन भी बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे हैं और शतक से केवल कुछ रन दूर हैं। दिन का खेल खत्म होने तक वह 77 रन बनाकर नाबाद थे। कप्तान ध्रुव जुरेल 12 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।

इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ए के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। इसके बाद भारतीय टीम की ओर से पारी की शुरुआत करने यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन मैदान पर उतरे। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को शुरुआती सफलता हासिल करने का मौका नहीं दिया। भारतीय सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 175 रनों की शानदार साझेदारी की। इस साझेदारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और बड़े स्कोर की नींव रख दी।

यशस्वी जायसवाल ने अपनी पारी के दौरान शानदार तालमेल और आक्रामक अंदाज का प्रदर्शन किया। उन्होंने 138 गेंदों का सामना करते हुए 102 रन बनाए। उनकी इस पारी में 16 चौके और दो छक्के शामिल रहे। जायसवाल ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन क्रीज पर जमने के बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुँचाने में कोई गलती नहीं की और लगातार रन बनाते रहे।

यह जायसवाल का लगातार दूसरा शतक है। इससे पहले भी वह अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबले में शतकीय पारी खेल चुके हैं। लगातार दो शतक लगाकर उन्होंने भारतीय टीम प्रबंधन को बड़ी राहत दी है। खास बात यह है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले उनका फॉर्म में लौटना भारतीय टीम के लिए काफी अहम है। जायसवाल को सीनियर टीम की टेस्ट सीरीज में केएल राहुल के साथ पारी की शुरुआत करनी है। ऐसे में उनकी मौजूदा लय टीम के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

इससे पहले पहले अनाधिकारिक टेस्ट में जायसवाल का बल्ला अपेक्षा के अनुरूप नहीं चला था। उनके प्रदर्शन को लेकर टीम की चिंताएँ बढ़ गई थीं,क्योंकि आगामी टेस्ट सीरीज में उनसे अच्छी शुरुआत की उम्मीद की जा रही है। हालाँकि,लगातार दूसरे शतक के साथ उन्होंने अपनी क्षमता और फॉर्म दोनों साबित कर दिए हैं। अब भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि वह इस लय को सीनियर टीम के मुकाबलों में भी बरकरार रखेंगे।

दूसरे सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन ने भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने जायसवाल के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 175 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। जायसवाल के आउट होने के बाद भी सुदर्शन ने एक छोर सँभाले रखा। वह लगातार संयम के साथ बल्लेबाजी करते रहे और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने टिके रहे। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक उन्होंने 205 गेंदों पर 77 रन बना लिए थे। उनकी पारी में 10 चौके शामिल थे।

सुदर्शन ने अपनी पारी में जल्दबाजी नहीं दिखाई। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी की और विकेट बचाकर रन बनाने पर ध्यान दिया। जायसवाल के साथ उनकी साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। अब दूसरे दिन उनकी नजर शतक पूरा करने पर होगी। यदि वह अपनी मौजूदा लय को बनाए रखने में सफल रहते हैं,तो भारत ए के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करने का अच्छा मौका होगा।

जायसवाल के आउट होने के बाद देवदत्त पड्डिकल बल्लेबाजी के लिए उतरे। हालाँकि, वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने सुदर्शन के साथ दूसरे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। पड्डिकल के आउट होने के बाद कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल मैदान पर आए। उन्होंने सुदर्शन के साथ पारी को आगे बढ़ाया। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक जुरेल 12 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 18 रनों की साझेदारी हो चुकी थी।

न्यूजीलैंड ए की ओर से गेंदबाजी करते हुए जारोड मैके और डैनरू फर्न्स ने एक-एक विकेट हासिल किया। हालाँकि,भारतीय सलामी बल्लेबाजों की मजबूत साझेदारी के सामने न्यूजीलैंड के गेंदबाज शुरुआती सत्र में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने वाली न्यूजीलैंड की टीम को शुरुआती विकेट के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। जायसवाल और सुदर्शन ने उनकी रणनीति को सफल नहीं होने दिया और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे।

पहले दिन के प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। दो विकेट गंवाने के बावजूद उसके पास सुदर्शन और जुरेल के रूप में दो बल्लेबाज मौजूद हैं। दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों की कोशिश इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और टीम का स्कोर बड़े लक्ष्य तक पहुँचाने की होगी। वहीं,न्यूजीलैंड ए की टीम जल्द विकेट हासिल करके भारतीय पारी को रोकने का प्रयास करेगी।

भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला जा रहा यह तीसरा और आखिरी अनाधिकारिक टेस्ट है। इस मुकाबले के बाद दोनों देशों की सीनियर टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होगी। इसलिए यह मैच भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी तैयारी परखने का महत्वपूर्ण अवसर है। खासकर उन बल्लेबाजों के लिए यह मुकाबला अहम है,जिन्हें सीनियर टीम में जिम्मेदारी निभानी है।

यशस्वी जायसवाल का लगातार दूसरा शतक भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत है। आगामी टेस्ट सीरीज में उनसे केएल राहुल के साथ पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है। ऐसे में उनका रन बनाना टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। वहीं,साई सुदर्शन की शानदार बल्लेबाजी भी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है। पहले दिन के खेल के बाद भारत ए ने मैच में मजबूत शुरुआत कर ली है। अब दूसरे दिन यह देखना दिलचस्प होगा कि सुदर्शन अपना शतक पूरा कर पाते हैं या नहीं और भारतीय टीम पहली पारी में कितना बड़ा स्कोर खड़ा करती है।