व्हाइट हाउस डिनर शूटिंग का आरोपी कोल थॉमस एलन (तस्वीर क्रेडिट@pankajhajhria)

व्हाइट हाउस डिनर फायरिंग केस: आरोपी पर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश का आरोप,जाँच में सामने आई सुनियोजित साजिश

वाशिंगटन,28 अप्रैल (युआईटीवी)- अमेरिका में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार संदिग्ध हमलावर पर अब राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश का गंभीर आरोप दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित और पेशेवर कार्रवाई के चलते एक बड़े हमले को समय रहते विफल कर दिया गया,जिससे राष्ट्रपति और कार्यक्रम में मौजूद अन्य सभी लोग सुरक्षित बच गए।

कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद साहस और दक्षता के साथ काम किया,जिसके कारण संभावित रूप से विनाशकारी हमला टल गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी वीआईपी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा और स्थिति को तेजी से नियंत्रित कर लिया गया।

कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार आरोपी की पहचान कोल थॉमस एलन के रूप में हुई है। उस पर तीन गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश,अपराध को अंजाम देने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में हथियार ले जाना और हिंसक अपराध के दौरान गोली चलाना शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक,इन आरोपों में दोषी पाए जाने पर आरोपी को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने पूरी योजना के तहत कैलिफोर्निया से ट्रेन के जरिए वॉशिंगटन डीसी की यात्रा की और वाशिंगटन हिल्टन होटल में ठहराव किया,जहाँ यह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम आयोजित हो रहा था। 25 अप्रैल की शाम को वह एक लंबी बंदूक के साथ सुरक्षा जाँच स्थल की ओर बढ़ा। लगभग 8 बजकर 40 मिनट पर वह मैग्नेटोमीटर पार करने की कोशिश करते हुए अचानक दौड़ा,तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी और वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की।

इस दौरान यूएस सीक्रेट सर्विस के एक अधिकारी को सीने में गोली लगी,लेकिन उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी,जिससे उनकी जान बच गई। घायल होने के बावजूद अधिकारी ने जवाबी फायरिंग की,जिससे आरोपी वहीं गिर पड़ा और उसे काबू कर लिया गया। बाद में उसे मामूली चोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति की हत्या की एक कोशिश थी और आरोपी के इरादे पूरी तरह साफ थे। उन्होंने बताया कि आरोपी सरकार के शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाना चाहता था और इसके लिए उसने पहले से विस्तृत योजना तैयार की थी।

जाँचकर्ताओं के अनुसार आरोपी के पास कई तरह के हथियार मौजूद थे,जिनमें 12-गेज शॉटगन और .38 कैलिबर की पिस्तौल शामिल थी। इसके अलावा,अधिकारियों ने एक घोषणापत्र का भी जिक्र किया है,जिसे आरोपी ने हमले से पहले भेजा था। इस दस्तावेज में उसके लक्ष्यों और इरादों का विस्तृत विवरण दिया गया था,जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था।

टॉड ब्लैंच ने कहा कि यह घटना किसी आकस्मिक स्थिति का परिणाम नहीं थी,बल्कि लंबे समय से की जा रही तैयारी का नतीजा थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने हफ्तों पहले ही होटल में कमरा बुक कर लिया था और हथियारों के साथ एक राज्य से दूसरे राज्य तक यात्रा की थी,जो उसकी गंभीर मंशा को दर्शाता है।

इस मामले की जाँच अब राष्ट्रीय स्तर पर तेज कर दी गई है। काश पटेल ने बताया कि देशभर में विभिन्न एजेंसियाँ मिलकर काम कर रही हैं और अलग-अलग राज्यों में टीमें भेजी गई हैं। सबूतों की गहन जाँच की जा रही है,ताकि इस साजिश से जुड़े हर पहलू को उजागर किया जा सके।

अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और तत्परता के कारण एक बड़ा खतरा टल गया। हालाँकि,उन्होंने यह भी माना कि इस तरह की घटनाएँ बढ़ती राजनीतिक हिंसा की ओर इशारा करती हैं,जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी और हिंसक सोच को रोकना बेहद जरूरी है,क्योंकि इससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

फिलहाल जाँच जारी है और कई अहम जानकारियों की पुष्टि अभी बाकी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ेगी,वैसे-वैसे सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियों को हर समय सतर्क रहना होगा और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।