स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी (तस्वीर क्रेडिट@DevJhajharia)

स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी,भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिली नई मजबूती

ब्रातिस्लावा,16 जून (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी स्लोवाकिया यात्रा के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक नेतृत्व की स्वीकार्यता का प्रतीक माना जा रहा है,बल्कि भारत और स्लोवाकिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों की भी महत्वपूर्ण पहचान बनकर उभरा है। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी को किसी विदेशी देश द्वारा दिया गया यह 33वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान बन गया है,जो विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और प्रभाव को दर्शाता है।

स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में आयोजित विशेष समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी,राजनयिक और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की सरकार और वहाँ के नागरिकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और इसे भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान नहीं है,बल्कि भारत और स्लोवाकिया के बीच वर्षों से विकसित हो रहे विश्वास,मित्रता और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने इस सम्मान को दोनों देशों के बीच स्थायी और मजबूत मित्रता को समर्पित करते हुए कहा कि भारत और स्लोवाकिया के संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक तथा मजबूत होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि ब्रातिस्लावा में ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ प्राप्त कर वह स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान स्लोवाकिया के लोगों और सरकार की ओर से भारत के प्रति व्यक्त किए गए विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी।

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के बीच व्यापक बातचीत भी हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान विनिर्माण,परिवहन,ऊर्जा,निवेश,नवाचार,जैव ईंधन और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक आधारित विकास आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा और ऐसे में दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में साझेदारी नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन,कृत्रिम बुद्धिमत्ता,नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में संयुक्त कार्य करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैठक के दौरान दोनों देशों ने निवेश संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की इच्छा व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के रूप में दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने स्लोवाकिया की कंपनियों को भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया।

प्रधानमंत्री की यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा व्यापार और उद्योग जगत के साथ उनकी बैठकें भी रहीं। उन्होंने स्लोवाकिया के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक नेताओं से मुलाकात कर भारत की आर्थिक प्रगति,औद्योगिक विकास और निवेश के अनुकूल वातावरण के बारे में जानकारी दी। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को बढ़ाने और नई साझेदारियों की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वर्तमान समय में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने भारत में किए गए आर्थिक सुधारों,डिजिटल क्रांति और विनिर्माण क्षेत्र में हो रही प्रगति का उल्लेख करते हुए विदेशी निवेशकों को देश में मौजूद अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल बाजार,युवा जनसंख्या और नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली नीतियाँ वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक संभावनाएँ प्रस्तुत करती हैं।

स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो की मेजबानी में आयोजित एक विशेष बैठक में भी दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान निवेश प्रवाह बढ़ाने,औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने माना कि वैश्विक चुनौतियों के दौर में आपसी सहयोग और आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाना दोनों देशों के हित में है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर भारत की सुधार यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश ने बुनियादी ढाँचे,डिजिटल सेवाओं,विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों ने व्यापार को आसान बनाया है और विदेशी निवेशकों के लिए नई संभावनाएँ तैयार की हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाना केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं है,बल्कि यह यूरोप के साथ भारत के बढ़ते संबंधों का भी संकेत है। हाल के वर्षों में भारत ने यूरोपीय देशों के साथ अपने राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। ऐसे में स्लोवाकिया द्वारा दिया गया यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उसकी सक्रिय भागीदारी ने देश की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। यही कारण है कि अनेक देशों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की वैश्विक भूमिका को सम्मानित किया है।

स्लोवाकिया यात्रा के दौरान हुए संवाद और समझौतों से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि दोनों देश भविष्य में व्यापार,निवेश,प्रौद्योगिकी,ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक व्यापक बनाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाक उद्योग जगत से भारत के साथ अपनी साझेदारी को गहरा करने का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं असीमित हैं।

स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना न केवल प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है,बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और मजबूत होती अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों का भी प्रतीक है। इस यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य में और अधिक सहयोग के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।