मुंबई,2 जुलाई (युआईटीवी)- रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ का नया एपिसोड दर्शकों के लिए काफी चर्चा का विषय बन गया,जब अभिनेत्री और शो की होस्ट कंगना रनौत ने ‘जनता की आवाज’ के रूप में घर में प्रवेश कर प्रतियोगियों के व्यवहार का खुलकर आकलन किया। इस दौरान उन्होंने कई प्रतियोगियों से बातचीत की,लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान अभिनेता राम कपूर के साथ हुई उनकी तीखी बातचीत ने खींचा। कंगना ने राम कपूर के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्हें आत्ममंथन करने की सलाह दी और कहा कि यदि वह वास्तव में खुद में बदलाव लाना चाहते हैं,तो उन्हें हर स्थिति में अपना बचाव करना बंद करना होगा।
इस विशेष एपिसोड में कंगना रनौत ने फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान तथा अभिनेता रितेश देशमुख के साथ मिलकर प्रतियोगियों के खेल,व्यवहार और घर के भीतर उनकी भूमिका पर चर्चा की। शो के दौरान सभी प्रतिभागियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रतिक्रिया दी गई,लेकिन राम कपूर के साथ बातचीत सबसे अधिक भावनात्मक और तीखी रही।
कंगना रनौत ने राम कपूर से सीधे सवाल करते हुए कहा कि उन्हें इस प्रतियोगिता को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि वह इस शो या इस माहौल से बड़े हैं,तो फिर उन्हें इसमें हिस्सा लेने का फैसला ही नहीं करना चाहिए था। कंगना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शो में आने के बाद जिस तरह का व्यवहार उन्होंने अपनाया है,उससे ऐसा लगता है कि वह खुद को साबित करने के बजाय लगातार अपनी सफाई देने में लगे हुए हैं।
कंगना ने राम कपूर से कहा कि यदि वह वास्तव में अपने व्यक्तित्व में सुधार लाना चाहते हैं,तो सबसे पहले उन्हें हर आलोचना पर अपना बचाव करना बंद करना होगा। उनके अनुसार किसी भी व्यक्ति के विकास के लिए यह जरूरी है कि वह अपनी कमियों को स्वीकार करे और दूसरों की बात सुनने का धैर्य रखे। उन्होंने कहा कि लगातार सफाई देने की आदत इंसान को अपनी गलतियों से सीखने का अवसर नहीं देती।
कंगना की इस टिप्पणी पर राम कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब सही समय आएगा तो वह अपनी सच्चाई स्वीकार करेंगे और ऐसा यहाँ मौजूद किसी भी अन्य व्यक्ति से बेहतर तरीके से करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वह अपनी स्थिति को अलग नजरिए से देख रहे हैं और समय आने पर अपनी बात खुलकर रखेंगे।
हालाँकि,राम कपूर के इस जवाब से कंगना संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने दोबारा उन्हें समझाते हुए कहा कि यदि वह सचमुच बदलाव चाहते हैं,तो हर परिस्थिति में खुद का बचाव करने की आदत छोड़नी होगी। कंगना का मानना था कि आत्मस्वीकृति और आत्मविश्लेषण किसी भी इंसान के व्यक्तित्व को बेहतर बनाने की पहली शर्त है।
यह पहली बार नहीं था,जब शो में राम कपूर को उनके रवैये को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी विशेष सेगमेंट ‘चार्जशीट’ के दौरान फराह खान ने उनके खेल और व्यवहार को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। फराह ने कहा कि राम कपूर अपने अभिनय करियर में हमेशा मुख्य भूमिकाओं के लिए जाने जाते रहे हैं,लेकिन ‘लॉक अप 2’ में वह खुद को प्रभावशाली प्रतियोगी के रूप में स्थापित नहीं कर पाए हैं। उनके अनुसार शो में वह मुख्य किरदार की बजाय पृष्ठभूमि में दिखाई देने वाले कलाकार जैसे नजर आ रहे हैं।
फराह खान ने राम कपूर से कहा कि वह हर शो में मुख्य भूमिका निभाते रहे हैं,लेकिन इस शो में आने के बाद उनका प्रभाव काफी कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों की नजर में वह उतने सक्रिय और प्रभावशाली नहीं दिख रहे,जितनी उनसे उम्मीद की जा रही थी।
फराह की इस टिप्पणी को राम कपूर ने सकारात्मक रूप से नहीं लिया। बातचीत के दौरान उन्होंने फराह को रोकने के अंदाज में अपना हाथ उठा दिया। उनके इस व्यवहार को देखकर फराह ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह जो देख रही हैं,वह उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी भी तरह से मजाकिया नहीं लग रहा।
इसके बावजूद राम कपूर ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि उन्हें तो यह सब मजाकिया ही लगता है। उन्होंने कहा कि उनका स्वभाव ऐसा ही है और वह जैसे हैं,वैसे ही रहेंगे। राम कपूर ने यह संकेत दिया कि वह अपने व्यवहार को बदलने की जरूरत महसूस नहीं करते।
फराह खान ने इसके बाद भी उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शो में जिस तरह के विचार और भाषण वह दे रहे हैं,वास्तविक जीवन में उनका व्यक्तित्व उससे काफी अलग दिखाई देता है। फराह का कहना था कि दर्शकों को वही व्यक्ति पसंद आता है,जो स्वाभाविक और ईमानदार हो,न कि वह जो लगातार अपने व्यवहार का बचाव करता रहे।
हालाँकि,फराह की बातों का भी राम कपूर पर कोई खास असर नहीं दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि लोगों को उनका व्यवहार पसंद नहीं है,तो उन्हें शो से बाहर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वह खुद को बदलने वाले नहीं हैं और जैसे हैं,वैसे ही बने रहेंगे।
राम कपूर के इस जवाब पर माहौल को थोड़ा हल्का करने की कोशिश करते हुए फराह खान ने मुस्कुराते हुए कहा कि जो लोग समय के साथ खुद को नहीं बदलते,वे डायनासोर बन जाते हैं। उनका यह बयान मजाकिया अंदाज में था,लेकिन इसके पीछे यह संदेश भी था कि बदलते समय के साथ खुद में बदलाव लाना हर व्यक्ति के लिए जरूरी होता है।
फराह की इस टिप्पणी पर भी राम कपूर अपने रुख से पीछे नहीं हटे। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यदि ऐसा है,तो वह डायनासोर ही बन जाएँगे। उनके इस जवाब ने वहाँ मौजूद लोगों को हैरान भी किया और माहौल में हल्की मुस्कान भी ला दी,लेकिन इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि वह अपनी सोच और व्यवहार को लेकर किसी प्रकार का समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं।
‘लॉक अप 2’ के इस एपिसोड ने दर्शकों के बीच नई बहस छेड़ दी है। एक ओर कंगना रनौत और फराह खान का मानना है कि किसी भी प्रतियोगी के लिए आत्ममंथन और बदलाव की इच्छा जरूरी होती है,वहीं दूसरी ओर राम कपूर लगातार यह कहते नजर आए कि वह अपने व्यक्तित्व के साथ समझौता नहीं करेंगे। शो में हुई यह बहस केवल एक प्रतियोगी के व्यवहार तक सीमित नहीं रही,बल्कि इसने इस सवाल को भी सामने रखा कि क्या सफलता पाने के लिए परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलना जरूरी है या अपनी मूल पहचान पर अडिग रहना अधिक महत्वपूर्ण है।
आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंगना रनौत और अन्य मेंटर्स की सलाह का राम कपूर पर कोई असर पड़ता है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि ‘लॉक अप 2’ का यह एपिसोड दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले एपिसोड्स में शामिल हो गया है,जिसमें मनोरंजन के साथ-साथ व्यक्तित्व,आत्मविश्लेषण और बदलाव जैसे विषयों पर भी खुलकर चर्चा देखने को मिली।
