वाशिंगटन,2 जुलाई (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका अब एक नए “स्वर्णिम दौर” में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की कीमतों में लगातार गिरावट, रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचता निवेश,शेयर बाजार की ऐतिहासिक मजबूती और रोजगार के नए अवसर इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की आर्थिक नीतियों का असर अब हर क्षेत्र में दिखाई देने लगा है और आने वाले समय में अमेरिका और अधिक आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ेगा।
नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में आयोजित थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र से लेकर उद्योग,निवेश और रोजगार तक हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल एक अस्थायी सुधार नहीं है,बल्कि अमेरिका के लिए एक नए आर्थिक युग की शुरुआत है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने सबसे पहले कच्चे तेल की कीमतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है,जिसका सीधा लाभ अमेरिका के नागरिकों और उद्योगों को मिलेगा। उनके अनुसार ऊर्जा की लागत कम होने से परिवहन,विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों का खर्च घटेगा,जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि तेल की कीमतों में गिरावट से कौन खुश है और कौन नहीं। उनका उद्देश्य केवल इतना है कि अमेरिकी जनता को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो और देश की अर्थव्यवस्था को इसका अधिकतम लाभ मिले।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि तेल की कीमतें इतनी तेजी से नीचे आ रही हैं,जितनी पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार में आए इस बदलाव से अमेरिका की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा। उनके अनुसार सस्ती ऊर्जा किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती है और उनकी सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले की तुलना में कहीं अधिक जहाज इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए सकारात्मक संकेत बताया। ट्रंप ने कहा कि इस क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति मजबूत हुई है और इसका लाभ पूरी दुनिया को मिल रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शेयर बाजार के प्रदर्शन को भी अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों की सफलता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी शेयर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और निवेशकों का भरोसा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। उनके अनुसार बाजार में लगातार हो रही बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि घरेलू और विदेशी निवेशकों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था की भविष्य की संभावनाओं पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि हर दिन शेयर बाजार नई ऊँचाइयों को छू रहा है और यह देश की आर्थिक मजबूती का स्पष्ट संकेत है।
रोजगार के मोर्चे पर भी ट्रंप ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अमेरिका में इतिहास के किसी भी दौर की तुलना में सबसे अधिक लोग काम कर रहे हैं। उनके अनुसार रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नई नौकरियाँ सृजित हो रही हैं। उन्होंने इसे आर्थिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया और कहा कि रोजगार में वृद्धि से लोगों की आय बढ़ेगी तथा घरेलू माँग को भी मजबूती मिलेगी।
महँगाई के मुद्दे पर ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार ने कार्यभार सँभाला था,तब देश को भारी महँगाई की समस्या विरासत में मिली थी। उनके अनुसार आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं और आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार की नीतियों के कारण अब स्थिति तेजी से बदल रही है और महँगाई पर नियंत्रण पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कीमतों में लगातार कमी आ रही है और इसका लाभ सीधे अमेरिकी परिवारों को मिलेगा।
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और अमेरिका का सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में देश आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में नई उपलब्धियाँ हासिल करेगा। उनके अनुसार अमेरिका की आर्थिक ताकत लगातार बढ़ रही है और दुनिया में उसकी स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।
हालाँकि,कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की विरासत को सम्मान देना था,लेकिन ट्रंप ने इस अवसर का उपयोग अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों और उपलब्धियों को सामने रखने के लिए भी किया। उन्होंने थियोडोर रूजवेल्ट के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में देश ने बड़े बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और राष्ट्रीय विकास की मजबूत नींव रखी थी। ट्रंप ने कहा कि वर्तमान सरकार भी उसी सोच के साथ अमेरिका को नई आर्थिक ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विदेशी निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है और दुनिया भर की कंपनियाँ अमेरिका में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। उनके अनुसार यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक निवेशकों का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि बढ़ता निवेश नए उद्योगों की स्थापना,उत्पादन क्षमता में विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अमेरिका की आर्थिक स्थिति का प्रभाव केवल उसके घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहता। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के कारण वहाँ होने वाले आर्थिक बदलावों का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ता है। भारत सहित कई देशों के लिए अमेरिका एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। ऐसे में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में होने वाले उतार-चढ़ाव, शेयर बाजार की स्थिति,निवेश के रुझान और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं तो इसका लाभ भारत जैसे तेल आयातक देशों को भी मिल सकता है। इससे आयात बिल में कमी आ सकती है,महँगाई पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है और उद्योगों की उत्पादन लागत भी घट सकती है। वहीं यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रहती है,तो वैश्विक व्यापार और निवेश गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। विभिन्न देशों में आर्थिक वृद्धि, महँगाई,ऊर्जा सुरक्षा और निवेश जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। ऐसे माहौल में ट्रंप ने अपनी सरकार की नीतियों को अमेरिका की आर्थिक मजबूती का आधार बताते हुए दावा किया है कि देश अब विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। हालाँकि,इन दावों का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में आर्थिक आँकड़ों और वैश्विक बाजारों की दिशा से स्पष्ट होगा,लेकिन इतना तय है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था से जुड़े हर बड़े घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी रहेगी, क्योंकि उसका असर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार,ऊर्जा बाजार और वैश्विक निवेश व्यवस्था पर सीधे तौर पर पड़ता है।
