मुंबई,14 जुलाई (युआईटीवी)- वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के निकट हुए भीषण नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर सोमवार को विशेष विमान के जरिए मुंबई पहुँचाए गए। इस दुखद घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पार्थिव शरीरों को भारत भेजने की पूरी प्रक्रिया का समन्वय किया। अब संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से सभी मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्यों और परिवारों तक सम्मानपूर्वक पहुँचाए जाएँगे।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 11 जुलाई को फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को लेकर विमान सुरक्षित रूप से मुंबई पहुँच गया है। दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में भारत सरकार और वियतनाम स्थित भारतीय मिशन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
दूतावास ने अपने संदेश में यह भी कहा कि हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास संबंधित राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पार्थिव शरीर जल्द से जल्द मृतकों के परिजनों तक पहुँच सकें,ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बिना किसी विलंब के पूरी की जा सके। भारतीय मिशन ने सभी दिवंगतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में उनकी प्रार्थनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
मुंबई पहुँचने के बाद पार्थिव शरीरों को संबंधित राज्यों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार,आंध्र प्रदेश,तमिलनाडु और केरल की राज्य सरकारें अपने-अपने नागरिकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जिलों तक पहुँचाने की व्यवस्था कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा किया जाए,ताकि परिजनों को किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस हादसे में घायल हुए एक भारतीय नागरिक का इलाज अभी भी जारी है। भारतीय दूतावास के अनुसार,हादसे के बाद उनका उपचार फु क्वोक में किया जा रहा था। रविवार शाम उनकी एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई। चिकित्सकों की सलाह के बाद सोमवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दूतावास ने बताया कि घायल यात्री के परिवार के सदस्य भी वियतनाम पहुँच चुके हैं और वे अस्पताल में उनके साथ मौजूद हैं। भारतीय अधिकारी परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
दूसरी ओर,वियतनाम की स्थानीय पुलिस ने इस हादसे की जाँच तेज कर दी है। दक्षिणी अन जियांग प्रांत की पुलिस ने रविवार को नाव दुर्घटना से जुड़े कथित कानूनी उल्लंघनों के मामले में एक स्थानीय व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान 57 वर्षीय नाव के कप्तान गुयेन होंग हाई के रूप में हुई है। वह अन जियांग प्रांत का निवासी है और फु क्वोक विशेष क्षेत्र में अस्थायी रूप से रह रहा था। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि कहीं सुरक्षा नियमों की अनदेखी या लापरवाही तो दुर्घटना की वजह नहीं बनी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,दुर्घटनाग्रस्त पर्यटक नाव में लगभग 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। इनमें सबसे अधिक 17 यात्री तमिलनाडु के थे,जबकि अन्य यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल से जुड़े हुए थे। बताया गया कि सभी पर्यटक एक पर्यटन यात्रा के तहत फु क्वोक द्वीप के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में भ्रमण के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान अचानक नाव संतुलन खो बैठी और समुद्र में पलट गई,जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन,तटरक्षक बल,बचाव दल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें तत्काल मौके पर पहुँच गईं। स्थानीय मछुआरों और आसपास मौजूद लोगों ने भी राहत अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समुद्र में गिरे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। कई यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया,जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। हालाँकि,तमाम प्रयासों के बावजूद 15 भारतीय नागरिकों की जान नहीं बचाई जा सकी।
फु क्वोक दक्षिणी वियतनाम का एक बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल माना जाता है। यहाँ हर वर्ष दुनिया भर से बड़ी संख्या में पर्यटक समुद्री पर्यटन,समुद्र तटों और जल क्रीड़ाओं का आनंद लेने पहुँचते हैं। इस क्षेत्र में नाव यात्राएं भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे में इस दुर्घटना ने स्थानीय पर्यटन उद्योग के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वियतनामी प्रशासन ने घटना की जाँच शुरू करते हुए नाव के संचालन,सुरक्षा मानकों और मौसम संबंधी परिस्थितियों की भी समीक्षा प्रारंभ कर दी है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दुर्घटना तकनीकी खराबी,मानवीय भूल,सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या किसी अन्य कारण से हुई। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है,तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारत सरकार भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के माध्यम से वियतनाम में भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहा और बचाव,उपचार तथा पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर विदेश यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा और पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों के महत्व को रेखांकित किया है। फिलहाल पूरे देश की संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया। वहीं,सभी की प्रार्थनाएँ उस घायल भारतीय नागरिक के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए भी जारी हैं। अब सभी की निगाहें वियतनामी जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं,जिससे इस भीषण हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
