एसआईआर के विरोध में कोच्चि में उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी (तस्वीर क्रेडिट@newsindia24x7_)

एसआईआर के विरोध में कोच्चि में उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी, प्रकाश राज और अभिजीत दीपके निकालेंगे मार्च,मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग

नई दिल्ली,7 नवंबर (युआईटीवी)- देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद जारी है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक बार फिर विरोध प्रदर्शन की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने 7 नवंबर को केरल के कोच्चि में एक बड़े मार्च का आयोजन किया है। इस प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज और पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शामिल होंगे। पार्टी ने इस मार्च को ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। पार्टी ने केरल के लोगों, युवाओं और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने की अपील की है।

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, विरोध मार्च 7 नवंबर को शाम 4 बजे कोच्चि के मरीन ड्राइव से शुरू होगा। यहाँ से प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए राजेंद्र मैदान पहुँचेंगे। इसके बाद मैदान में एक सार्वजनिक सभा आयोजित की जाएगी,जिसमें पार्टी के नेता और अन्य वक्ता एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

पार्टी ने इस प्रदर्शन के लिए ‘सेव डेमोक्रेसी! कैंसल एसआईआर!’ यानी लोकतंत्र बचाओ, एसआईआर रद्द करो का नारा दिया है। आयोजकों को उम्मीद है कि केरल के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा,सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक इस मार्च में हिस्सा लेंगे।

पार्टी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। ऐसे में चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसे वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन के जरिए पार्टी चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपनी असहमति दर्ज कराना चाहती है।

इस विरोध प्रदर्शन को लेकर अभिनेता प्रकाश राज और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। दोनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों से मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

प्रकाश राज की भागीदारी को देखते हुए इस प्रदर्शन को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। वह पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं। वहीं, अभिजीत दीपके पार्टी के संस्थापक होने के नाते इस आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

इन दोनों के अलावा सीजेपी की राष्ट्रीय नेता अफरीन नवाज और दक्षिण भारत के प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी भी प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस मार्च के माध्यम से एसआईआर के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सकेगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की विस्तृत जाँच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची में शामिल नामों और संबंधित जानकारियों का सत्यापन किया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है।

हालाँकि,इस प्रक्रिया को लेकर कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की पूरी सुरक्षा होनी चाहिए।

कॉकरोच जनता पार्टी भी इसी मुद्दे को लेकर विरोध कर रही है। पार्टी की माँग है कि एसआईआर की प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द किया जाए। इसके साथ ही पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग भी उठाई है।

आयोजकों के अनुसार,कोच्चि का यह मार्च केवल किसी एक राजनीतिक माँग तक सीमित नहीं है,बल्कि इसका उद्देश्य मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को सार्वजनिक मंच पर उठाना है।

कोच्चि में होने वाला यह मार्च दिल्ली में पार्टी के नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सीजेपी का पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है। पिछले महीने पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के मुताबिक,जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद दोनों नेता प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे और वहाँ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था।

दोनों नेताओं को इस मामले में करीब एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। इस कार्रवाई के बाद पार्टी ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। सीजेपी ने इसे अपने विरोध प्रदर्शन को रोकने की कार्रवाई बताया था।

इसी दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। इन घटनाओं के बाद पार्टी ने विरोध जारी रखने का फैसला किया और अब केरल के कोच्चि में बड़े स्तर पर मार्च आयोजित करने की तैयारी की है।

प्रदर्शन को लेकर कोच्चि पुलिस भी सतर्क है। पुलिस की स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक,सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोच्चि के डिप्टी पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने की उम्मीद है। हालाँकि,बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। मार्च के मार्ग और सार्वजनिक सभा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएँगे।

पुलिस प्रशासन की कोशिश रहेगी कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कॉकरोच जनता पार्टी का कोच्चि मार्च ऐसे समय में आयोजित हो रहा है,जब एसआईआर को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बहस और विरोध जारी है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रही है और अब केरल के माध्यम से आंदोलन को व्यापक रूप देने की कोशिश कर रही है।

प्रकाश राज और अभिजीत दीपके की अपील के बाद इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालाँकि,मार्च में कितने लोग शामिल होंगे और इसका आगे क्या राजनीतिक प्रभाव पड़ेगा,यह कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने और एसआईआर के खिलाफ अपनी मांगों को मजबूती से सामने रखने की है। अब सबकी नजर 7 नवंबर को कोच्चि में होने वाले इस मार्च पर रहेगी।