भुवनेश्वर,5 जून (युआईटीवी)- ओडिशा में विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को भुवनेश्वर स्थित राजभवन में राज्यपाल रघुबर दास से मुलाकात कर ओडिशा के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक का विधानसभा और संसदीय चुनावों में करारी हार झेलने के बाद 24 साल पुराना कार्यकाल समाप्त हो गया। बीजू जनता दल ओडिशा पर 1997 से शासन कर रही है,जिसे भाजपा के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
सीएम पटनायक का राजनीतिक करियर दो दशक से अधिक लंबे समय का रहा है और उनके राजनीतिक करियर में ऐसा पहली बार होगा,जब वे विधानसभा में विपक्ष की बेंच पर बैठेंगे। पटनायक के आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श के लिए एक बैठक की।
5 मार्च, 2000 को नवीन पटनायक ने ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब उनकी पार्टी का सत्ता में आने का मुख्य कारण पटनायक के पिता और पूर्व सीएम बीजू पटनायक की लोकप्रियता थी।
24 साल तक नवीन पटनायक सत्ता में रहे। उनका छठी बार मुख्यमंत्री बनने के सपने को विरोधी लहर ने तोड़ दिया। 147 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 78 सीटें जीतकर बीजद से सत्ता छीन ली है।
147 सीटों वाली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 78 सीटें हासिल कीं,जबकि बीजद ने 51 सीटें हासिल कीं और बहुमत के 74 के आँकड़ों से काफी पीछे रह गए। वहीं 14 सीटें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हासिल की। बीजद ने 2019 के विधानसभा चुनाव में 112 सीटें हासिल की थी।
लोकसभा चुनाव 2024 में राज्य की 21 संसदीय सीटों में से भाजपा ने 20 सीटें हासिल की,जबकि बाकी के एक सीट कांग्रेस ने जीती। नवीन पटनायक राज्य की राजनीति में बीजद पार्टी के माध्यम से प्रवेश किया था। 1998 के लोकसभा उपचुनाव में जीत के साथ उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी।
मंगलवार को लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना हुई। भारत के चुनाव आयोग के मुताबिक,240 सीटें भाजपा ने हासिल किए। यदि पिछले लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 में 303 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार पिछले चुनाव के तुलना में काफी पीछे रह गए। दूसरी ओर,कांग्रेस ने पिछले बार की तुलना में वृद्धि दर्ज करते हुए 99 सीटों पर जीत हासिल की है।
