अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप का बड़ा दांव,रिपब्लिकन जीत पर हेल्थकेयर से टैक्स और वोटिंग तक बदलाव का वादा

वॉशिंगटन,11 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक व्यापक राजनीतिक एजेंडा सामने रखा है। डलास में आयोजित रिपब्लिकन सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने पार्टी समर्थकों से कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव को इस तरह देखा जाना चाहिए, जैसे मतपत्र पर उनका अपना नाम हो। ट्रंप ने दावा किया कि यदि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहती है,तो उनका प्रशासन स्वास्थ्य सेवा, कर व्यवस्था, सीमा सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया से जुड़े कई बड़े बदलावों को आगे बढ़ा सकेगा।

ट्रंप ने अपने संबोधन में समर्थकों से कहा कि यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें इसे व्यक्तिगत रूप से अपनी राजनीतिक लड़ाई के तौर पर देखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वे मौजूदा प्रशासन की नीतियों को पलटने की कोशिश करेंगे। ऐसे में उन्होंने रिपब्लिकन मतदाताओं से 3 नवंबर को या उससे पहले मतदान करने की अपील की। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव यह तय करेंगे कि ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो वर्षों के दौरान प्रतिनिधि सभा और सीनेट में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।

ट्रंप के एजेंडे में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा प्रस्ताव प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन बहुमत मिलने पर उनकी सरकार बड़ी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को किए जाने वाले कुछ संघीय भुगतानों को समाप्त करने और उस धन को सीधे लोगों तक पहुँचाने की दिशा में काम करेगी। उनके मुताबिक, लोगों को सीधे आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी पसंद के अनुसार स्वास्थ्य सेवा और बीमा सुविधाएँ खरीद सकेंगे। ट्रंप ने दावा किया कि इस व्यवस्था से लोगों के पास स्वास्थ्य खर्च के बाद कुछ धन बच भी सकता है।

राष्ट्रपति ने अपने भाषण में इस प्रस्ताव को स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़े बदलाव के रूप में पेश किया। उनका तर्क है कि यदि सरकारी धन सीधे नागरिकों तक पहुँचे,तो लोग स्वास्थ्य बीमा और उपचार के विकल्पों का चुनाव अपनी जरूरत के अनुसार कर सकेंगे। हालांकि, इस योजना को लागू करने के तरीके और इसके वित्तीय प्रभावों को लेकर ट्रंप ने अपने संबोधन में विस्तृत जानकारी नहीं दी। स्वास्थ्य सेवा अमेरिकी राजनीति में लंबे समय से प्रमुख चुनावी मुद्दा रही है और आगामी मध्यावधि चुनाव में भी यह रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच बहस का बड़ा विषय बन सकती है।

ट्रंप ने कर व्यवस्था को लेकर भी बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन के दौरान लागू की गई कर कटौतियों को स्थायी बनाया जाएगा। ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर कर बढ़ाने और उनकी आर्थिक नीतियों को उलटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि रिपब्लिकन पार्टी इन कर कटौतियों को बनाए रखने के लिए काम करेगी और उन्हें स्थायी रूप से लागू करने की कोशिश की जाएगी।

ट्रंप ने अपने भाषण में दवाओं की कीमतों को लेकर भी अपनी पुरानी नीति का उल्लेख किया। उन्होंने ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन प्रिस्क्रिप्शन ड्रग डिस्काउंट’ नीति को अमेरिकी कानून में स्थायी रूप से शामिल करने की इच्छा जताई। ट्रंप का दावा है कि उनके प्रशासन ने प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी की है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में दवाओं की कीमतें 50 से 90 प्रतिशत तक कम हुई हैं। हालाँकि,अपने भाषण में उन्होंने इन दावों के समर्थन में विस्तृत आँकड़े पेश नहीं किए।

स्वास्थ्य सेवा और दवा कीमतों के साथ-साथ ट्रंप ने देश की सीमा सुरक्षा को भी अपने चुनावी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने ‘नो इनवेजन ऑफ अवर कंट्री एक्ट’ को पारित करने की माँग की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए और कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे देश में और लोगों की अवैध घुसपैठ नहीं चाहते। हालाँकि,भाषण के दौरान प्रस्तावित कानून के विस्तृत प्रावधानों के बारे में उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी।

वोटिंग प्रक्रिया को लेकर भी ट्रंप ने सख्त नियमों की वकालत की। उन्होंने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पारित करने की माँग की। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मतदाताओं के लिए पहचान और अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण आवश्यक बनाने पर जोर दिया गया है। ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया में मतदाता पहचान और चुनावी सुरक्षा को लेकर कड़े नियमों की माँग करते रहे हैं। इस बार उन्होंने इसे रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि चुनाव एजेंडे का हिस्सा बनाते हुए समर्थकों से इसके समर्थन में मतदान करने की अपील की।

ट्रंप ने बिना नकद जमानत वाली नीतियों को खत्म करने और चुनावी तथा सरकारी धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की बात भी कही। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन ने धोखाधड़ी से जुड़े अरबों डॉलर का पता लगाया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह रकम कुल मिलाकर एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है। हालाँकि,भाषण में इस दावे के समर्थन में विस्तृत आँकड़े या स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए।

मध्यावधि चुनाव ट्रंप के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल के दूसरे हिस्से में कांग्रेस का राजनीतिक समर्थन उनकी नीतियों को लागू करने की क्षमता पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। यदि प्रतिनिधि सभा और सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी अपना बहुमत बनाए रखती है,तो ट्रंप प्रशासन को कानून पारित कराने और अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में अपेक्षाकृत आसानी हो सकती है। इसके विपरीत,यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस के किसी एक या दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं,तो प्रशासन के लिए कई विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसी वजह से ट्रंप ने अपने समर्थकों के सामने चुनाव को अपनी नीतियों पर जनमत संग्रह की तरह पेश किया। उन्होंने बार-बार यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत केवल पार्टी की जीत नहीं होगी,बल्कि उनके प्रशासन की नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए भी जरूरी होगी। उनका कहना है कि डेमोक्रेटिक बहुमत बनने की स्थिति में मौजूदा सरकार की आर्थिक,स्वास्थ्य और सीमा संबंधी नीतियों को बदलने की कोशिश की जाएगी।

रिपब्लिकन सम्मेलन में ट्रंप के भाषण से यह भी स्पष्ट हुआ कि पार्टी आगामी चुनाव में ऐसे मुद्दों पर जोर देने की तैयारी कर रही है,जिनका सीधा संबंध आम अमेरिकी मतदाताओं की रोजमर्रा की चिंताओं से है। स्वास्थ्य खर्च,दवाओं की कीमत, करों का बोझ, सीमा सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया जैसे मुद्दों के जरिए पार्टी अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। ट्रंप का जोर विशेष रूप से इस बात पर रहा कि मतदाता चुनाव को उनके प्रशासन की नीतियों के भविष्य से जोड़कर देखें।

अब मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ते हुए दोनों प्रमुख अमेरिकी राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला और तेज होने की संभावना है। ट्रंप ने अपने भाषण के जरिए रिपब्लिकन समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कांग्रेस पर नियंत्रण बनाए रखना उनके प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले चुनाव में मतदाता यह तय करेंगे कि प्रतिनिधि सभा और सीनेट में किस पार्टी को बहुमत मिलता है। यही परिणाम ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो वर्षों में उनकी नीतियों की दिशा और उन्हें लागू करने की क्षमता पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।