नई दिल्ली,20 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान अमेरिका ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है। ग्रुप डी के मुकाबले में अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ अमेरिकी टीम राउंड ऑफ 32 में पहुँचने वाली दूसरी टीम बन गई है। सिएटल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अमेरिका ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाए रखा।
मैच शुरू होते ही अमेरिकी खिलाड़ियों ने तेज गति से खेलते हुए गेंद पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम को शुरुआती मिनटों से ही रक्षात्मक रवैया अपनाने पर मजबूर होना पड़ा। अमेरिकी हमलावर लगातार विपक्षी गोल पोस्ट पर खतरा पैदा कर रहे थे और इसका फायदा टीम को मैच के 11वें मिनट में मिल गया।
अमेरिका के फोलारिन बालोगुन ने गोल की ओर जोरदार शॉट लगाया। ऑस्ट्रेलिया के डिफेंडर कैमरन बर्गेस ने गेंद को रोकने की कोशिश की,लेकिन उनका प्रयास उल्टा पड़ गया और गेंद उनके ही गोल में चली गई। इस आत्मघाती गोल ने अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद अमेरिकी टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया तथा उसने ऑस्ट्रेलिया को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया।
पहले गोल के बाद भी अमेरिका का दबदबा लगातार बना रहा। टीम ने मिडफील्ड में शानदार तालमेल दिखाया और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया की टीम बराबरी का गोल करने के लिए संघर्ष करती रही,लेकिन अमेरिकी डिफेंस बेहद संगठित नजर आया।
पहले हाफ के अंतिम मिनटों में अमेरिका ने अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया। मैच के 43वें मिनट में सर्जिनो डेस्ट ने शानदार मूव बनाते हुए गोल की ओर शॉट लगाया। हालाँकि,उनका शॉट सीधे गोल में नहीं जा सका,लेकिन मौके पर मौजूद कैमरन बर्गेस ने हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल के बाद स्कोर 2-0 हो गया और अमेरिका मजबूत स्थिति में पहुँच गया।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस गोल के खिलाफ समीक्षा की माँग की। खिलाड़ियों का मानना था कि गोल से पहले कुछ तकनीकी त्रुटि हुई थी,लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद रेफरी ने गोल को वैध करार दिया। इसके साथ ही अमेरिका की दो गोल की बढ़त बरकरार रही।
पहले हाफ में दो गोल से पीछे होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे हाफ में वापसी की पूरी कोशिश की। टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाई और कई बार अमेरिकी गोल पर दबाव बनाया। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने विंग्स के जरिए हमले करने का प्रयास किया,लेकिन अमेरिकी रक्षापंक्ति ने बेहद अनुशासित प्रदर्शन करते हुए सभी प्रयासों को विफल कर दिया।
अमेरिकी गोलकीपर और डिफेंडरों ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतरीन बचाव किए। यही कारण रहा कि ऑस्ट्रेलिया पूरे मैच में एक भी गोल नहीं कर सका। दूसरी ओर अमेरिका ने अपनी बढ़त को सुरक्षित रखते हुए मैच के अंतिम मिनटों तक नियंत्रण बनाए रखा।
मैच समाप्त होने तक स्कोर 2-0 ही रहा और अमेरिका ने महत्वपूर्ण जीत अपने नाम कर ली। इस परिणाम के साथ अमेरिकी टीम ने न केवल अगले दौर में प्रवेश किया,बल्कि टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी है। लगातार दो जीत हासिल करने के बाद टीम का मनोबल काफी ऊँचा है और वह खिताब की प्रमुख दावेदारों में शामिल होती नजर आ रही है।
इससे पहले अमेरिका ने अपने पहले मुकाबले में पैराग्वे को 4-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत ने उसकी स्थिति और मजबूत कर दी है। विश्व कप के इतिहास में यह केवल दूसरा अवसर है,जब अमेरिका ने टूर्नामेंट की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की है। यह उपलब्धि टीम के लिए विशेष महत्व रखती है और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दे सकती है।
कोच और टीम प्रबंधन भी इस प्रदर्शन से काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। टीम ने अब तक आक्रमण और रक्षा दोनों विभागों में संतुलित खेल दिखाया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका ने दोनों मुकाबलों में प्रभावशाली फुटबॉल खेलते हुए विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा है।
अब अमेरिकी टीम की नजर ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले और नॉकआउट दौर पर होगी। जिस तरह का प्रदर्शन टीम ने शुरुआती दो मैचों में किया है,उससे यह स्पष्ट है कि अमेरिका इस बार विश्व कप में लंबा सफर तय करने की क्षमता रखता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए आगे का रास्ता कठिन हो गया है और उसे अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी उम्मीदों को जीवित रखना होगा।
फिलहाल सिएटल में मिली इस शानदार जीत ने अमेरिकी फुटबॉल प्रशंसकों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया है। लगातार दूसरी जीत के साथ अमेरिका ने यह संदेश दे दिया है कि वह केवल मेजबान की भूमिका निभाने नहीं,बल्कि विश्व कप खिताब की दौड़ में मजबूती से शामिल होने के इरादे से मैदान में उतरा है।
