नीरज चोपड़ा (तस्वीर क्रेडिट@RcbianOfficial)

दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा चौथे स्थान पर रहे,कॉमनवेल्थ खेलों के लिए किया क्वालीफाई

दोहा,20 जून (युआईटीवी)- भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का दोहा डायमंड लीग में प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। सुहैन बिन हमाद स्टेडियम में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में नीरज शीर्ष तीन खिलाड़ियों में जगह बनाने से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। हालांकि उनके लिए राहत की बात यह रही कि उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान कॉमनवेल्थ खेलों के लिए आवश्यक क्वालीफिकेशन मानक हासिल कर लिया और आगामी खेलों में अपनी जगह पक्की कर ली।

चोट से वापसी कर रहे नीरज चोपड़ा के लिए यह सत्र का पहला डायमंड लीग मुकाबला था। लंबे समय बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरने वाले नीरज से भारतीय प्रशंसकों को काफी उम्मीदें थीं,लेकिन शुरुआत उनके लिए बेहद निराशाजनक रही। पहले प्रयास में उनका थ्रो फाउल हो गया,जिसके कारण वह शुरुआती दौर में दबाव में आ गए। हालाँकि,अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते उन्होंने जल्द ही वापसी की और दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर का थ्रो फेंका।

नीरज के इस प्रयास का महत्व केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं था। कॉमनवेल्थ खेलों के लिए क्वालीफाई करने हेतु 82.61 मीटर का थ्रो आवश्यक था और नीरज ने इस दूरी को पार करते हुए अपना टिकट पक्का कर लिया। इस उपलब्धि ने उनके प्रदर्शन को कुछ हद तक सकारात्मक बना दिया,क्योंकि चोट के बाद वापसी करने वाले किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़े टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

दूसरे प्रयास के बाद नीरज ने तीसरे राउंड में शानदार प्रदर्शन किया और 85.69 मीटर दूर भाला फेंका। यही उनका प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रयास रहा। इस थ्रो की बदौलत वह कुछ समय के लिए शीर्ष तीन खिलाड़ियों में शामिल हो गए। तीसरे राउंड की समाप्ति के बाद ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.38 मीटर के साथ पहले स्थान पर थे,अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 85.99 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर और नीरज चोपड़ा 85.69 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद थे।

ऐसा लग रहा था कि नीरज पदक की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं,लेकिन चौथे राउंड में प्रतियोगिता का पूरा समीकरण बदल गया। नीरज ने इस प्रयास में 83.45 मीटर का थ्रो किया,जो उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कम था। इसी दौरान श्रीलंका के रुमेश पथिरगे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 88.68 मीटर का थ्रो फेंका और सीधे पहले स्थान पर पहुँच गए। उनके इस असाधारण प्रयास ने न केवल उन्हें बढ़त दिलाई,बल्कि अन्य खिलाड़ियों की रैंकिंग पर भी असर डाला।

रुमेश पथिरगे के दमदार प्रदर्शन के बाद नीरज शीर्ष तीन से बाहर हो गए। इसके बाद उन पर वापसी का दबाव बढ़ गया,लेकिन पाँचवें प्रयास में भी उन्हें सफलता नहीं मिली और उनका थ्रो फाउल हो गया। यह फाउल उनके लिए काफी महँगा साबित हुआ। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार शीर्ष खिलाड़ियों को ही अंतिम प्रयास का मौका मिलता है और नीरज आवश्यक स्थान हासिल नहीं कर सके। परिणामस्वरूप वह अंतिम राउंड के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए।

प्रतियोगिता समाप्त होने पर श्रीलंका के रुमेश पथिरगे 88.68 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पहले स्थान पर रहे। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 86.38 मीटर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया,जबकि अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 85.99 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.69 मीटर रहा,जिसके साथ उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।

अन्य खिलाड़ियों में आर्टुर फेल्फनर 83.62 मीटर के साथ पाँचवें स्थान पर रहे,जबकि अनुभवी खिलाड़ी जूलियस येगो 82.22 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया,लेकिन रुमेश पथिरगे का चौथे राउंड में किया गया थ्रो सबसे बड़ा आकर्षण साबित हुआ।

नीरज चोपड़ा के प्रदर्शन का विश्लेषण करें,तो यह स्पष्ट है कि चोट के बाद उनकी वापसी अभी पूरी तरह से लय में नहीं दिखी। हालाँकि 85 मीटर से अधिक का थ्रो यह संकेत देता है कि वह धीरे-धीरे अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म की ओर लौट रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा लगातार कठिन होती जा रही है और शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए 88 मीटर या उससे अधिक दूरी तक भाला फेंकना आवश्यक होता जा रहा है।

भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यह परिणाम मिश्रित भावनाएँ लेकर आया है। एक ओर नीरज पदक जीतने से चूक गए,वहीं दूसरी ओर उन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों के लिए सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया। यह उपलब्धि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद कर सकती है।

अब नीरज की नजर आगामी प्रतियोगिताओं पर होगी,जहाँ वह अपनी तकनीक और फिटनेस में और सुधार करते हुए फिर से पोडियम पर वापसी करने का प्रयास करेंगे। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि ओलंपिक और विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके नीरज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल करेंगे और आने वाले टूर्नामेंटों में देश के लिए एक बार फिर गौरव हासिल करेंगे।