हनी के 'सेल्फ गोल' की वजह से मिस्र बेल्जियम के खिलाफ ऐतिहासिक जीत से चूका (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

फीफा विश्व कप 2026: बेल्जियम से ड्रॉ के बावजूद मिस्र ने जीता दिल,ऐतिहासिक जीत से चूकी ‘फराओ’ टीम

सिएटल,16 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप ‘जी’ में मिस्र और बेल्जियम के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच,संघर्ष और भावनाओं से भरपूर रहा। इस मुकाबले का अंत 1-1 की बराबरी पर हुआ, लेकिन मैदान पर जिस तरह का प्रदर्शन मिस्र की टीम ने किया,उसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का दिल जीत लिया। ‘फराओ’ के नाम से मशहूर मिस्र की टीम लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने में सफल रही और एक समय ऐसा लग रहा था कि वह विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार जीतों में से एक दर्ज करने वाली है। हालाँकि,दूसरे हाफ में हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल ने उसके सपनों पर पानी फेर दिया और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

मैच की शुरुआत से ही मिस्र ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल बचाव करने नहीं,बल्कि जीत के इरादे से मैदान पर उतरी है। दुनिया की मजबूत टीमों में गिने जाने वाले बेल्जियम के खिलाफ मिस्र के खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती मिनटों में दोनों टीमों ने एक-दूसरे की ताकत को परखने की कोशिश की,लेकिन धीरे-धीरे मिस्र ने खेल पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी।

मुकाबले का पहला बड़ा क्षण 19वें मिनट में आया,जब मिस्र ने शानदार टीमवर्क के दम पर बढ़त हासिल कर ली। इस आक्रमण की शुरुआत टीम के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह ने की। उन्होंने मिडफील्ड से गेंद लेकर आगे बढ़ते हुए ऐसा सटीक पास दिया,जिसने बेल्जियम की रक्षापंक्ति को पूरी तरह भेद दिया। गेंद इमाम अशूर तक पहुँचीं,जिन्होंने बेहतरीन नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ को छकाया और निचले कोने में जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुँचा दिया।

यह गोल इमाम अशूर के अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला गोल था और उससे भी बड़ी बात यह थी कि यह विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित मंच पर आया। गोल होते ही मिस्र के खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे। स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों ने जोरदार उत्साह के साथ अपनी टीम का समर्थन किया।

गोल खाने के बाद बेल्जियम ने वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। उसके पास कई विश्वस्तरीय खिलाड़ी मौजूद थे,लेकिन मिस्र की रक्षापंक्ति ने शानदार संगठन और धैर्य का परिचय दिया। मिस्र के डिफेंडरों ने हर हमले को मजबूती से रोका और गोलकीपर ने भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए। पहले हाफ के अंत तक बेल्जियम बराबरी हासिल करने में असफल रहा और मिस्र 1-0 की बढ़त के साथ विश्राम पर गया।

दूसरे हाफ में भी मिस्र ने अपने खेल की तीव्रता बनाए रखी। टीम ने गेंद पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ बेल्जियम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। जैसे-जैसे समय बीत रहा था,बेल्जियम पर दबाव बढ़ता जा रहा था। विश्व कप के पहले मैच में हार से बचने के लिए बेल्जियम के कोच ने रणनीतिक बदलाव किए और बेंच पर मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा।

66वें मिनट में यही बदलाव बेल्जियम के लिए फायदेमंद साबित हुआ। मैदान पर आने के कुछ समय बाद ही रोमेलु लुकाकू ने अपने अनुभव और शारीरिक क्षमता से मिस्र के डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान थॉमस मुनियर ने दाएँ छोर से एक खतरनाक क्रॉस बॉक्स के अंदर भेजा। गेंद को क्लियर करने की कोशिश में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हनी से दुर्भाग्यपूर्ण गलती हो गई और गेंद सीधे उनके अपने ही गोल में चली गई।

आत्मघाती गोल के कारण बेल्जियम को बराबरी का गोल मिल गया और स्कोर 1-1 हो गया। यह क्षण मिस्र के खिलाड़ियों और समर्थकों के लिए बेहद निराशाजनक था,क्योंकि टीम लंबे समय तक जीत के बेहद करीब पहुँच चुकी थी। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और अंतिम मिनटों तक संघर्ष जारी रखा।

मुकाबले के अंतिम चरण में दोनों टीमों ने जीत का गोल खोजने की कोशिश की,लेकिन कोई भी टीम सफलता हासिल नहीं कर सकी। निर्धारित समय समाप्त होने पर स्कोर 1-1 रहा और दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।

हालाँकि,मिस्र जीत दर्ज नहीं कर सका,लेकिन उसका प्रदर्शन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। टीम ने विश्व कप मुकाबलों में बढ़त बनाए रखने के अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और यह साबित किया कि वह अब केवल भाग लेने वाली टीम नहीं,बल्कि बड़े देशों को चुनौती देने वाली मजबूत इकाई बन चुकी है। यूरोप की दिग्गज टीम बेल्जियम के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन मिस्र के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देने वाला साबित हो सकता है।

मैच के बाद बेल्जियम के मुख्य कोच रूडी गार्सिया ने मिस्र की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि विश्व कप का पहला मुकाबला हमेशा कठिन होता है,विशेषकर तब जब सामने अफ्रीका की शीर्ष टीमों में से एक मौजूद हो। उन्होंने माना कि उनकी टीम को बराबरी हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा और बेंच से आए खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।

वहीं मिस्र के फॉरवर्ड हम्जा अब्देलकरीम ने कहा कि टीम ने मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया। उनके अनुसार बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक अंक हासिल करना भी महत्वपूर्ण है,हालाँकि,खिलाड़ी जीत के और करीब पहुँचने के कारण थोड़ी निराशा जरूर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया,जिन्होंने पूरे मैच के दौरान टीम का उत्साह बढ़ाया।

ग्रुप ‘जी’ के इस रोमांचक मुकाबले ने टूर्नामेंट को और दिलचस्प बना दिया है। मिस्र ने भले ही ऐतिहासिक जीत का मौका गंवा दिया हो,लेकिन उसके साहसिक प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि वह इस विश्व कप में किसी भी बड़ी टीम के लिए खतरा साबित हो सकती है।