नई दिल्ली,19 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप बी मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से करारी शिकस्त दी। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्विस टीम ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल का ऐसा प्रदर्शन किया,जिसका जवाब बोस्निया-हर्जेगोविना के पास नहीं था। स्विट्जरलैंड की इस महत्वपूर्ण जीत के नायक जोहान मंजाम्बी रहे,जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
विश्व कप के इस मुकाबले की शुरुआत बेहद संतुलित रही। दोनों टीमों ने पहले मिनट से ही सतर्क रणनीति अपनाई और रक्षा पंक्ति को मजबूत रखते हुए खेल को नियंत्रित करने की कोशिश की। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने का प्रयास किया,जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना ने जवाबी हमलों के जरिए मौके बनाने की रणनीति अपनाई। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और किसी भी पक्ष को गोल करने का अवसर नहीं मिला।
स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों ने लगातार आक्रमण किए,लेकिन बोस्निया-हर्जेगोविना की रक्षापंक्ति ने मजबूती के साथ उनका सामना किया। गोलकीपर और डिफेंडरों ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटके से बचाए रखा। दूसरी ओर बोस्निया-हर्जेगोविना भी कुछ अच्छे मूव बनाने में सफल रही,लेकिन अंतिम क्षणों में सटीक फिनिशिंग की कमी के कारण वह गोल नहीं कर सकी।
पहले हाफ के समाप्त होने तक स्कोर 0-0 रहा और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अंत तक बेहद करीबी रहने वाला है। हालाँकि,दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने अपनी गति और आक्रामकता को पूरी तरह बदल दिया। टीम ने लगातार दबाव बनाना शुरू किया और बोस्निया-हर्जेगोविना की रक्षा पंक्ति पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी।
मैच का निर्णायक मोड़ 74वें मिनट में आया,जब जोहान मंजाम्बी ने शानदार गोल करते हुए स्विट्जरलैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल न केवल मैच का पहला गोल था,बल्कि उसने पूरी तरह मुकाबले की दिशा भी बदल दी। गोल होने के बाद स्विस खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने विपक्षी टीम पर दबाव और तेज कर दिया।
पहला गोल खाने के बाद बोस्निया-हर्जेगोविना ने बराबरी की कोशिश शुरू की,लेकिन टीम को 80वें मिनट में बड़ा झटका लगा। डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच ने एक खतरनाक फाउल किया,जिसके बाद रेफरी ने बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें सीधा लाल कार्ड दिखा दिया। मैदान से बाहर भेजे जाने के बाद बोस्निया-हर्जेगोविना को बाकी मैच केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
एक खिलाड़ी कम होने का असर तुरंत दिखाई दिया। स्विट्जरलैंड ने इसका पूरा फायदा उठाया और विपक्षी टीम की कमजोर पड़ती रक्षा पंक्ति पर लगातार हमले किए। मैच के 84वें मिनट में रूबेन वर्गस ने शानदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ स्विट्जरलैंड की बढ़त 2-0 हो गई और मैच लगभग उसके नियंत्रण में आ गया।
इसके बाद बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम पर दबाव लगातार बढ़ता गया। स्विस खिलाड़ी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए आक्रमण करते रहे। मैच के अंतिम क्षणों में जोहान मंजाम्बी ने एक बार फिर अपना कमाल दिखाया। उन्होंने अपना दूसरा व्यक्तिगत गोल दागते हुए स्विट्जरलैंड की बढ़त को 3-0 कर दिया। इस गोल ने विपक्षी टीम की वापसी की सभी उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया।
हालाँकि,मुकाबला पूरी तरह खत्म होने से पहले बोस्निया-हर्जेगोविना ने संघर्ष का परिचय दिया। स्टॉपेज टाइम में एरमि माहमिक ने गोल कर अपनी टीम के लिए स्कोर 3-1 कर दिया। यह गोल टीम के लिए सांत्वना भर साबित हुआ,क्योंकि इसके तुरंत बाद स्विट्जरलैंड ने एक और हमला किया।
स्विस कप्तान ग्रेनिट झाका ने स्टॉपेज टाइम में शानदार गोल करते हुए स्कोर 4-1 कर दिया। झाका का यह गोल स्विट्जरलैंड के दबदबे और मैच में उसके शानदार प्रदर्शन का प्रतीक बन गया। अंतिम सीटी बजने तक स्विट्जरलैंड ने अपनी बढ़त कायम रखी और शानदार जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। टीम ने अपना पहला मुकाबला ड्रॉ खेला था,लेकिन इस जीत ने उसे महत्वपूर्ण अंक दिलाए हैं। अब स्विट्जरलैंड की नॉकआउट चरण में पहुँचने की संभावनाएँ काफी मजबूत हो गई हैं। टीम का आत्मविश्वास भी इस जीत के बाद काफी बढ़ा होगा,विशेषकर जिस तरह उसने दूसरे हाफ में खेल का स्तर ऊँचा किया।
जोहान मंजाम्बी इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उनके दो गोलों ने न केवल टीम को जीत दिलाई,बल्कि यह भी साबित किया कि बड़े मंच पर वह निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं। वहीं रूबेन वर्गस और कप्तान ग्रेनिट झाका ने भी महत्वपूर्ण गोल कर टीम की सफलता में योगदान दिया।
दूसरी तरफ बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए यह हार निराशाजनक रही। टीम ने पहले हाफ में अच्छा खेल दिखाया,लेकिन दूसरे हाफ में वह स्विट्जरलैंड के दबाव को झेल नहीं सकी। लाल कार्ड ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। अब अगले दौर में पहुँचने की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए उसे अपने अगले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर मैच का महत्व बढ़ जाता है और यही कारण है कि यह हार बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए बड़ी चुनौती लेकर आई है। वहीं स्विट्जरलैंड ने यह संदेश दे दिया है कि वह इस टूर्नामेंट में केवल भाग लेने नहीं,बल्कि आगे तक जाने के इरादे से उतरा है। लॉस एंजिलिस में मिली यह जीत टीम के अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है और आने वाले मुकाबलों में उसके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दे सकती है।
