अटलांटा,22 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एच मुकाबले में स्पेन ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सऊदी अरब को 4-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। पहले मुकाबले में केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलने के बाद स्पेन पर दबाव था,लेकिन इस मैच में टीम ने शुरुआत से लेकर अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा। युवा सनसनी लामिन यामल और अनुभवी स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबल ने जीत की पटकथा लिखी,जबकि डैनी ओल्मो ने अपनी रचनात्मकता और बेहतरीन पासिंग से मैच में अहम भूमिका निभाई।
इस शानदार जीत के साथ स्पेन ने दो मैचों में चार अंक हासिल कर ग्रुप एच में शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया। वहीं सऊदी अरब को इस हार के बाद अंक तालिका में नुकसान उठाना पड़ा और उसकी अगले दौर में पहुँचने की राह कठिन हो गई है।
मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन आक्रामक अंदाज में नजर आया। गेंद पर नियंत्रण,तेज पासिंग और लगातार हमलों के जरिए स्पेनिश खिलाड़ियों ने सऊदी अरब के रक्षात्मक ढाँचे को शुरू से ही दबाव में रखा। मैच शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा चर्चा युवा खिलाड़ी लामिन यामल को लेकर थी। विश्व कप इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे यामल ने दर्शकों और विशेषज्ञों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
स्पेन को पहला गोल मैच के 10वें मिनट में मिला। बाईं ओर से डैनी ओल्मो ने बेहतरीन क्रॉस दिया,जिस पर लामिन यामल ने शानदार मूवमेंट दिखाते हुए स्लाइड कर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह टूर्नामेंट में उनका पहला गोल था और इसके साथ ही स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इस गोल ने स्पेन को शुरुआती बढ़त दिलाने के साथ-साथ टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा दिया।
गोल के बाद स्पेन ने अपनी गति कम नहीं की। मिडफील्ड में शानदार तालमेल और विंग्स से लगातार हमलों के कारण सऊदी अरब के खिलाड़ियों को गेंद पर कब्जा जमाने का मौका नहीं मिल रहा था। सऊदी टीम ने कुछ मौकों पर जवाबी हमले करने की कोशिश की,लेकिन स्पेन के मजबूत डिफेंस ने उन्हें कोई स्पष्ट अवसर नहीं दिया।
मैच के 30वें मिनट में स्पेन ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। डैनी ओल्मो के कॉर्नर पर एमेरिक लापोर्टे ने शानदार हेडर लगाया। गेंद बॉक्स के भीतर मिकेल ओयारजाबल के पास पहुँचीं और उन्होंने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुँचा दिया। इस गोल ने सऊदी अरब की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
सिर्फ तीन मिनट बाद स्पेन ने एक और शानदार टीम गोल किया। इस बार आक्रमण की शुरुआत लंबी गेंद से हुई,जिसे मार्क कुकुरेला ने बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया। इसके बाद गेंद डैनी ओल्मो तक पहुँचीं,जिन्होंने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए ओयारजाबल को सटीक पास दिया। ओयारजाबल ने शानदार वॉली लगाकर गेंद को जाल में पहुँचा दिया और अपना दूसरा गोल दर्ज कर लिया। इस गोल ने स्पेन को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
पहले हाफ के अंत तक सऊदी अरब पूरी तरह दबाव में नजर आया। स्पेन के खिलाड़ी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए लगातार मौके बनाते रहे। दूसरी ओर सऊदी अरब के लिए सबसे बड़ी समस्या यह रही कि उसकी टीम स्पेन की तेज गति और तकनीकी कौशल का जवाब नहीं दे सकी।
दूसरे हाफ की शुरुआत में स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने रणनीतिक बदलाव करते हुए लामिन यामल और मिकेल ओयारजाबल को आराम देने का फैसला किया। दोनों खिलाड़ियों ने पहले हाफ में अपना काम बखूबी कर दिया था और कोच ने उन्हें आगामी मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए मैदान से बाहर बुला लिया।
हालाँकि,इन दोनों खिलाड़ियों के बाहर जाने के बाद भी स्पेन का दबदबा कम नहीं हुआ। टीम लगातार आक्रमण करती रही और सऊदी अरब के डिफेंस को परेशान करती रही। स्पेनिश खिलाड़ियों की पासिंग और पोजिशनिंग इतनी प्रभावशाली थी कि सऊदी अरब को गेंद वापस हासिल करने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा।
मैच का चौथा गोल दूसरे हाफ में आया। एक कॉर्नर किक के दौरान डैनी ओल्मो ने गेंद पर शानदार वॉली लगाई। सऊदी गोलकीपर ने उनके शॉट को रोकने की कोशिश की,लेकिन गेंद की दिशा बदल गई। गेंद सऊदी डिफेंडर हसन अल्ताम्बकती से टकराई और दुर्भाग्यवश अपने ही गोल में चली गई। इस आत्मघाती गोल ने स्पेन की बढ़त को 4-0 कर दिया और मैच लगभग पूरी तरह एकतरफा हो गया।
इसके बाद भी स्पेन ने हमले जारी रखे और कई मौके बनाए,लेकिन स्कोर में और इजाफा नहीं हो सका। दूसरी ओर सऊदी अरब की टीम सम्मान बचाने के लिए संघर्ष करती रही,लेकिन स्पेनिश रक्षा पंक्ति ने उन्हें कोई स्पष्ट अवसर नहीं दिया। गोलकीपर और डिफेंडरों के बेहतरीन समन्वय के कारण स्पेन ने मैच में क्लीन शीट भी बरकरार रखी।
इस मुकाबले में डैनी ओल्मो का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने एक गोल नहीं किया,लेकिन तीनों शुरुआती गोलों की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सटीक पासिंग,रचनात्मक सोच और खेल को नियंत्रित करने की क्षमता ने स्पेन के आक्रमण को नई धार दी। वहीं लामिन यामल ने एक बार फिर साबित किया कि वह आने वाले वर्षों में विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
मिकेल ओयारजाबल शानदार स्ट्राइकिंग क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे और विरोधी टीम के डिफेंडरों के लिए लगातार खतरा बने रहे। उनकी मौजूदगी ने स्पेन के आक्रमण को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
इस जीत ने स्पेन के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी है। पहले मैच में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद टीम ने जिस तरह वापसी की है,उससे यह स्पष्ट हो गया है कि वह खिताब की दावेदार टीमों में शामिल है। दूसरी ओर सऊदी अरब को अपनी कमजोरियों पर गंभीरता से काम करना होगा,क्योंकि अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किए बिना उसके लिए आगे की राह आसान नहीं होगी।
ग्रुप एच में शीर्ष स्थान पर पहुँच चुकी स्पेन की टीम अब अगले मुकाबले में इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी। लामिन यामल,मिकेल ओयारजाबल और डैनी ओल्मो जैसे खिलाड़ियों का शानदार फॉर्म स्पेन के लिए सकारात्मक संकेत है और टीम को उम्मीद होगी कि यह प्रदर्शन विश्व कप के आगे के चरणों में भी जारी रहेगा।
