कोटे डी आइवर ने कुराकाओ को हराकर पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह (तस्वीर क्रेडिट@FIFAcom)

फीफा वर्ल्ड कप 2026: पेपे के दो गोल से कोटे डी आइवर ने रचा इतिहास,कुराकाओ को हराकर पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह

नई दिल्ली,26 जून (युआईटीवी)- फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ई मुकाबले में कोटे डी आइवर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुराकाओ को 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ही अफ्रीकी टीम ने पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कोटे डी आइवर ने शुरुआत से अंत तक खेल पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए रखा। टीम के अनुभवी खिलाड़ी निकोलस पेपे ने दोनों गोल दागते हुए जीत के सबसे बड़े नायक की भूमिका निभाई। उनकी शानदार फिनिशिंग और पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि कोटे डी आइवर इस बार टूर्नामेंट में लंबी चुनौती पेश करने की क्षमता रखता है।

मैच शुरू होते ही कोटे डी आइवर ने आक्रामक अंदाज अपनाया। टीम ने शुरुआती मिनटों से ही गेंद पर कब्जा बनाए रखते हुए कुराकाओ के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इस रणनीति का फायदा टीम को बहुत जल्द मिल गया। मुकाबले के केवल सातवें मिनट में निकोलस पेपे ने शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यान डियोमांडे ने बेहतरीन मूव बनाते हुए पेपे को सटीक पास दिया,जिसे उन्होंने बिना किसी गलती के गोल में बदल दिया। यह गोल केवल टीम को शुरुआती बढ़त दिलाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कोटे डी आइवर के फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज गोल भी बन गया। इस रिकॉर्ड ने मुकाबले की शुरुआत को और भी यादगार बना दिया।

शुरुआती झटके के बाद कुराकाओ ने मुकाबले में वापसी करने की पूरी कोशिश की। टीम ने मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण बनाने और बराबरी का गोल हासिल करने के लिए कई आक्रमण किए,लेकिन कोटे डी आइवर की रक्षापंक्ति पूरे मैच में बेहद अनुशासित नजर आई। डिफेंडरों ने न केवल कुराकाओ के हर हमले को विफल किया,बल्कि गोलकीपर ने भी जरूरत पड़ने पर बेहतरीन बचाव करते हुए विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। पहले हाफ के दौरान कुराकाओ ने कुछ अच्छे मूव जरूर बनाए,लेकिन अंतिम क्षणों में उनकी फिनिशिंग कमजोर रही,जिसका फायदा कोटे डी आइवर को मिला।

पहले हाफ में मिली बढ़त ने कोटे डी आइवर का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत भी टीम ने उसी आक्रामक अंदाज में की,जिससे उसने पहले 45 मिनट में विपक्षी टीम पर दबाव बनाया था। कुराकाओ लगातार बराबरी के गोल की तलाश में आगे बढ़ रही थी,लेकिन इससे उसके डिफेंस में जगह बनती गई। कोटे डी आइवर ने इसी कमजोरी का फायदा उठाया और तेज काउंटर अटैक के जरिए कई अवसर तैयार किए।

मुकाबले के 64वें मिनट में निकोलस पेपे ने अपना दूसरा गोल दागकर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल की शुरुआत इब्राहिम सांगारे ने शानदार तरीके से की। उन्होंने मिडफील्ड से गेंद लेकर आगे बढ़ते हुए कुराकाओ के डिफेंस को चीर दिया और सही समय पर पेपे को बेहतरीन पास दिया। पेपे ने बिना किसी दबाव के गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुँचाकर अपनी टीम की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। दो गोल की बढ़त मिलने के बाद कोटे डी आइवर ने खेल की गति को नियंत्रित रखा और विपक्षी टीम को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया।

कुराकाओ ने अंतिम मिनटों तक संघर्ष जारी रखा,लेकिन कोटे डी आइवर के खिलाड़ियों ने पूरे मैच में अनुशासन और संयम का शानदार प्रदर्शन किया। टीम की रक्षापंक्ति,मिडफील्ड और आक्रमण तीनों विभागों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। यही कारण रहा कि कुराकाओ पूरे मुकाबले में एक भी गोल करने में सफल नहीं हो सकी।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ कोटे डी आइवर ने पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर नया अध्याय लिख दिया। अफ्रीकी फुटबॉल के लिए भी यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम ने इस टूर्नामेंट में अब तक जिस तरह का संतुलित प्रदर्शन किया है,उससे यह संकेत मिला है कि वह केवल नॉकआउट चरण तक पहुँचने के लिए नहीं,बल्कि उससे आगे जाने का भी दम रखती है।

मुकाबले के बाद दो गोल करने वाले निकोलस पेपे ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि नॉकआउट चरण में पहुँचना कोटे डी आइवर के लोगों के लिए बेहद खास उपलब्धि है। पेपे ने अपने दोनों गोलों का श्रेय अपने साथियों को देते हुए कहा कि पहला गोल यान डियोमांडे के शानदार पास की बदौलत संभव हुआ,जबकि दूसरे गोल में इब्राहिम सांगारे ने बेहतरीन सहयोग किया। उन्होंने कहा कि टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और सभी का लक्ष्य जितना संभव हो सके,टूर्नामेंट में आगे तक पहुँचना है।

पेपे के इस बयान से साफ है कि टीम केवल एक जीत से संतुष्ट नहीं है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है और वे आगामी मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखना चाहते हैं। कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के बीच मजबूत तालमेल ने टीम को नई ऊर्जा दी है,जिसका असर मैदान पर साफ दिखाई दे रहा है।

कोटे डी आइवर के लिए यह जीत सिर्फ तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाई दी है। जिस तरह खिलाड़ियों ने दबाव में शांत रहते हुए अपने अवसरों का फायदा उठाया और पूरे मैच में अनुशासित खेल दिखाया, उससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि टीम नॉकआउट चरण में भी बड़े विरोधियों को कड़ी चुनौती दे सकती है। अब फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या कोटे डी आइवर अपने इस शानदार अभियान को आगे भी जारी रख पाती है या नहीं। फिलहाल,कुराकाओ पर मिली यह यादगार जीत टीम के वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गई है।