भारतीय टीम (तस्वीर क्रेडिट@souravreporter2)

चौथे टी20 में सम्मान बचाने उतरेगा भारत,ब्रिस्टल में इंग्लैंड की बढ़त रोकने की चुनौती

नई दिल्ली,9 जुलाई (युआईटीवी)- भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पाँच मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज अब अपने बेहद अहम मोड़ पर पहुँच गई है। सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेला जाएगा,जहाँ भारतीय टीम के सामने केवल एक मैच जीतने की चुनौती नहीं होगी,बल्कि सीरीज में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने और पिछले मुकाबले की शर्मनाक हार से उबरने की भी बड़ी परीक्षा होगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम फिलहाल सीरीज में 2-0 से पीछे है और यदि चौथे मुकाबले में भी हार का सामना करना पड़ा तो मेजबान इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा। ऐसे में यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया है।

तीसरे टी20 मुकाबले में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 201 रन बनाए और भारत के सामने 202 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम केवल 76 रन पर सिमट गई। 125 रनों की यह करारी हार भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास को झटका देने वाली रही। बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन हार का सबसे बड़ा कारण बना,क्योंकि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कोई भी बल्लेबाज पारी को सँभालने में सफल नहीं हो सका। ऐसे में चौथे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

इस सीरीज में अभिषेक शर्मा भारतीय टीम के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने शुरुआती मैचों में आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और तेज रन बनाने की क्षमता दिखाई। हालाँकि, दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। टीम प्रबंधन चाहेगा कि चौथे मुकाबले में भी अभिषेक अपनी लय बरकरार रखें और इस बार उनके साथ अन्य बल्लेबाज भी जिम्मेदारी निभाएं।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से भी इस सीरीज में काफी उम्मीदें थीं,लेकिन अब तक खेले गए दोनों मुकाबलों में वह प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे हैं। शुरुआती अवसरों का फायदा नहीं उठा पाने के कारण उन पर दबाव बढ़ गया है। यदि उन्हें चौथे मुकाबले में मौका मिलता है,तो उनके सामने अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर होगा। भारतीय टीम चाहेगी कि युवा खिलाड़ी दबाव में भी संयम बनाए रखें और लंबी पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएँ।

कप्तान श्रेयस अय्यर भी इस सीरीज में अपने अनुभव और क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभालने वाले अय्यर से उम्मीद थी कि वह टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालेंगे,लेकिन अब तक वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। चौथे मुकाबले में कप्तान के रूप में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी,क्योंकि टीम को न केवल उनके बल्ले से रन चाहिए,बल्कि मैदान पर बेहतर रणनीति और नेतृत्व की भी आवश्यकता होगी।

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए हैं। नई गेंद के खिलाफ उनकी तकनीक पर सवाल उठे हैं और वह अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में सफल नहीं हुए। वहीं,अक्षर पटेल और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज भी अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके हैं। दोनों खिलाड़ियों ने कुछ अच्छी शुरुआत जरूर की,लेकिन उन्हें बड़े स्कोर में बदलने में सफलता नहीं मिली। ऐसे में भारतीय टीम का मध्यक्रम चौथे मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने के दबाव में रहेगा।

ऑलराउंडर शिवम दुबे ने कुछ मौकों पर उपयोगी बल्लेबाजी की है,लेकिन उनके बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव देखने को मिला है। इससे उनकी लय भी प्रभावित हुई है। टीम प्रबंधन यदि उन्हें एक निश्चित बल्लेबाजी क्रम पर उतारता है तो वह अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं। भारतीय टीम को उनके बड़े शॉट खेलने की क्षमता से काफी उम्मीदें रहेंगी।

दूसरी ओर,इंग्लैंड की टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। सीरीज में अब तक मेजबान टीम ने लगभग हर विभाग में भारत पर बढ़त बनाई है। बल्लेबाजी में शीर्ष क्रम से लेकर निचले क्रम तक सभी खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी निभाई है,जबकि गेंदबाजों ने भी भारतीय बल्लेबाजी को लगातार दबाव में रखा है। यही कारण है कि इंग्लैंड सीरीज में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है।

तीसरे टी20 मुकाबले में फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन बनाए थे। उनकी आक्रामक पारी ने इंग्लैंड को मजबूत स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा जोस बटलर ने भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का परिचय दिया, जबकि जैकब बेथेल ने उपयोगी योगदान देकर टीम को मजबूती प्रदान की। टॉम बैंटन ने भी मध्यक्रम में महत्वपूर्ण रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

ऑलराउंडर सैम करन ने भी तीसरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 24 गेंदों में नाबाद 41 रन बनाए और अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरकर इंग्लैंड के स्कोर को 200 के पार पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी बल्लेबाजी ने यह दिखाया कि इंग्लैंड की टीम में निचले क्रम तक गहराई मौजूद है।

गेंदबाजी में इंग्लैंड की ताकत इस सीरीज में साफ दिखाई दी है। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों के लिए लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं। तीसरे मुकाबले में उन्होंने 29 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और भारतीय शीर्ष क्रम को पूरी तरह झकझोर दिया। उनके साथ जोश टंग ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट अपने नाम किए। दोनों तेज गेंदबाजों ने गति और उछाल का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

स्पिन विभाग में आदिल रशीद और विल जैक्स ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया है। दोनों स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाया और भारतीय बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने से रोका। इंग्लैंड की गेंदबाजी इकाई का संतुलन इस समय उसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। यहाँ अच्छी उछाल मिलने के कारण गेंद बल्ले पर आसानी से आती है और बल्लेबाज खुलकर अपने शॉट खेल सकते हैं। मैदान की सामने वाली बाउंड्री अपेक्षाकृत छोटी होने के कारण बड़े शॉट लगाना भी आसान माना जाता है। यही वजह है कि इस मैदान पर अक्सर बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं।

आँकड़ों पर नजर डालें तो इस मैदान पर अब तक 21 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें से 10 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं,जबकि 11 मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को सफलता मिली है। पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 158 रन रहा है,जबकि दूसरी पारी का औसत स्कोर 141 रन के आसपास है। इससे स्पष्ट है कि यहाँ दोनों पारियों में बल्लेबाजी की जा सकती है,लेकिन परिस्थितियों के अनुसार सही रणनीति अपनाना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

मौसम भी इस मुकाबले में किसी तरह की बाधा बनने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग और एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को ब्रिस्टल में आसमान साफ रहने की उम्मीद है और बारिश की संभावना लगभग नहीं के बराबर है। ऐसे में दर्शकों को पूरे 20-20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

चौथा टी20 मुकाबला दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने रखता है। इंग्लैंड की नजर जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने पर होगी,जबकि भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर न केवल सीरीज में वापसी करना चाहेगी,बल्कि पिछले मैच की हार का दाग भी मिटाना चाहेगी। ऐसे में ब्रिस्टल का यह मुकाबला रोमांच,दबाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है।

भारतीय टीम का स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान),तिलक वर्मा (उपकप्तान),अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन,ईशान किशन,रवि बिश्नोई,सूर्यांश शेडगे,प्रसिद्ध कृष्णा,अक्षर पटेल,हर्षित राणा,वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती,वैभव सूर्यवंशी और प्रिंस यादव।

इंग्लैंड टीम का स्क्वॉड: हैरी ब्रूक,रेहान अहमद,जोस बटलर,जोफ्रा आर्चर,सोनी बेकर, टॉम बैंटन,जेम्स कोल्स,जैकब बेथेल,जॉर्डन कॉक्स,सैम कुरेन,विल जैक्स,लियाम डॉसन, साकिब महमूद,फिल साल्ट,आदिल राशिद,जोश टंग और ल्यूक वुड।