लंदन,1 जुलाई (युआईटीवी)- महिला टी20 विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार फाइनल में जगह बना ली। केनिंग्टन ओवल में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। पहले उसने वेस्टइंडीज को निर्धारित 20 ओवर में 125 रन के मामूली स्कोर पर रोक दिया और फिर महज 13 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच को एकतरफा बना दिया। अब ऑस्ट्रेलिया का सामना रविवार को दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा, जहां वह एक और विश्व कप खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
मुकाबले में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत संतुलित रही। कप्तान हेली मैथ्यूज और किआना जोसेफ ने पहले विकेट के लिए 49 गेंदों में 47 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में सँभलकर खेला और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को अधिक अवसर नहीं दिए। हालाँकि,पारी के आगे बढ़ने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।
किआना जोसेफ 16 रन बनाकर आउट हुईं,जबकि कप्तान हेली मैथ्यूज ने 28 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 30 रन बनाए। उनकी पारी से टीम को उम्मीद थी कि वह बड़ा स्कोर बना सकेगी,लेकिन उनके आउट होते ही वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
मध्यक्रम में शेमेन कैंपबेल ने पारी को सँभालने का प्रयास किया। उन्होंने छोटी-छोटी साझेदारियों के जरिए टीम को आगे बढ़ाया,लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। वेस्टइंडीज का स्कोर 15.3 ओवर में 83 रन पर छह विकेट हो गया,जिससे टीम दबाव में आ गई। कैंपबेल ने 25 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाए,लेकिन उनके आउट होने के बाद भी रन गति में कोई खास सुधार नहीं आया।
पारी के अंतिम ओवरों में अनुभवी ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन ने संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने की कोशिश की। उन्होंने जनिलेया ग्लासगो के साथ सातवें विकेट के लिए 27 गेंदों में 42 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ग्लासगो ने 15 रन का योगदान दिया,जबकि डॉटिन ने केवल 16 गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद 26 रन बनाए। उनकी तेज पारी की बदौलत वेस्टइंडीज की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन तक पहुँचने में सफल रही।
डिएंड्रा डॉटिन की यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि मैच शुरू होने से पहले उनकी फिटनेस को लेकर चिंता पैदा हो गई थी। वार्म-अप के दौरान उन्हें असहज महसूस हुआ और साथी खिलाड़ियों की मदद से मैदान से बाहर जाना पड़ा। लगभग आधे घंटे तक उनका चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार किया गया। इसके बाद उन्होंने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए उपयोगी रन जोड़े और अपने जुझारूपन का परिचय दिया।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में सोफी मोलिनक्स,एशले गार्डनर और जॉर्जिया वेयरहैम ने शानदार प्रदर्शन किया। तीनों गेंदबाजों ने दो-दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को पूरी तरह बाँध दिया। एनाबेल सदरलैंड ने भी एक विकेट हासिल किया और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ के कारण वेस्टइंडीज की बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सकीं।
126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी अच्छी रही। जॉर्जिया वोल और बेथ मूनी ने पहले विकेट के लिए 29 रन जोड़कर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। जॉर्जिया वोल ने 11 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 16 रन बनाए,लेकिन इसके बाद वह आउट हो गईं। कुछ ही देर बाद फोएबे लिचफील्ड भी केवल चार रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज मैच में वापसी कर सकती है।
हालाँकि,इसके बाद बेथ मूनी ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। उन्होंने पहले एलिस पेरी के साथ पारी को सँभाला। दोनों के बीच 21 रन की साझेदारी हुई,लेकिन एलिस पेरी केवल दो रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गईं। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा,क्योंकि बेथ मूनी ने शानदार लय बनाए रखी।
एलिस पेरी के मैदान छोड़ने के बाद एशले गार्डनर बल्लेबाजी के लिए उतरीं और उन्होंने बेथ मूनी के साथ मिलकर मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने केवल 36 गेंदों में 63 रन की अटूट साझेदारी की और टीम को आसानी से जीत दिला दी। बेथ मूनी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 36 गेंदों में आठ चौकों की मदद से नाबाद 61 रन बनाए। उनकी यह पारी संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण रही। दूसरी ओर एशले गार्डनर ने भी 20 गेंदों में पाँच चौकों की सहायता से नाबाद 35 रन बनाए और टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।
वेस्टइंडीज की ओर से गेंदबाजी में केवल चिनेल हेनरी और हेली मैथ्यूज ही एक-एक विकेट लेने में सफल रहीं। अन्य गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। खासकर बेथ मूनी और एशले गार्डनर ने तेजी से रन बनाकर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन किया है और सेमीफाइनल में भी उसी आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका,जबकि बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा बिना किसी दबाव के पूरा कर लिया।
अब ऑस्ट्रेलिया की नजर अपने अगले मुकाबले पर होगी,जहाँ वह दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगी। रिकॉर्ड आठवीं बार फाइनल में पहुँचीं ऑस्ट्रेलियाई टीम एक और विश्व कप खिताब जीतकर अपने शानदार इतिहास में नया अध्याय जोड़ना चाहेगी। वहीं वेस्टइंडीज का अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया,लेकिन डिएंड्रा डॉटिन और हेली मैथ्यूज जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह दिखाया कि टीम भविष्य में और मजबूत होकर वापसी करने की क्षमता रखती है।
