न्यू जर्सी,1 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस ने अपने शानदार अभियान को जारी रखते हुए स्वीडन को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ फ्रांसीसी टीम ने न केवल टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा,बल्कि विश्व कप के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। स्टार स्ट्राइकर और टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए दो गोल किए,जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल कर टीम की जीत को और मजबूत बना दिया। इस प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद फ्रांस अब अगले दौर में पराग्वे से भिड़ेगा और लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल तक पहुँचने के अपने अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।
मुकाबले की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक तेवर अपनाए और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। टीम ने पहले हाफ में कई अच्छे अवसर बनाए,लेकिन स्वीडन की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर के बेहतरीन प्रदर्शन के कारण शुरुआती मिनटों में गोल नहीं हो सका। स्वीडिश खिलाड़ियों ने अनुशासित रक्षा का प्रदर्शन करते हुए फ्रांस के तेज आक्रमण को लंबे समय तक रोककर रखा। हालाँकि,लगातार दबाव के बीच आखिरकार फ्रांस को सफलता मिल ही गई।
किलियन एमबाप्पे ने अपनी शानदार तकनीक और तेज फुटवर्क का परिचय देते हुए पेनल्टी बॉक्स के भीतर से सटीक शॉट लगाया,जिसे रोक पाना स्वीडन के गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल के साथ फ्रांस ने बढ़त हासिल कर ली और मुकाबले का रुख पूरी तरह अपनी ओर मोड़ दिया। एमबाप्पे का यह गोल उनके आत्मविश्वास और मौजूदा शानदार फॉर्म का एक और उदाहरण साबित हुआ।
पहले हाफ में बढ़त लेने के बाद फ्रांस ने दूसरे हाफ की शुरुआत और भी आक्रामक अंदाज में की। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए स्वीडन को लगातार दबाव में रखा। दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में माइकल ओलीसे ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ब्रैडली बारकोला को बेहतरीन पास दिया। बारकोला ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया और शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोल में पहुँचाकर फ्रांस की बढ़त दोगुनी कर दी।
इस गोल के बाद स्वीडन पर दबाव और बढ़ गया। टीम ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन फ्रांस की मजबूत रक्षा और मिडफील्ड ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। इसी बीच माइकल ओलीसे ने एक बार फिर अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए किलियन एमबाप्पे के लिए शानदार पास तैयार किया। एमबाप्पे ने बिना किसी गलती के गेंद को नेट में पहुँचाकर अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल कर दिया। इस गोल के साथ मुकाबला पूरी तरह फ्रांस के नियंत्रण में आ गया और अंत तक स्वीडन वापसी नहीं कर सका।
इस मुकाबले में दो गोल करने के साथ ही किलियन एमबाप्पे ने विश्व कप इतिहास में एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की। उनके विश्व कप में कुल गोलों की संख्या अब 18 हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े को पीछे छोड़ दिया और विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुँच गए। अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी हैं,जिनके नाम विश्व कप में 19 गोल दर्ज हैं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए एमबाप्पे के पास इस रिकॉर्ड को भी अपने नाम करने का शानदार अवसर होगा।
एमबाप्पे ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि भी हासिल की। यह विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनका दसवां गोल था। इससे यह स्पष्ट होता है कि बड़े मुकाबलों में उनका प्रदर्शन हमेशा और अधिक प्रभावशाली हो जाता है। निर्णायक मैचों में लगातार गोल करने की उनकी क्षमता फ्रांस के लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
फ्रांस की इस जीत ने टीम के नाम एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज करा दिया। विश्व कप के इतिहास में फ्रांस पहली ऐसी टीम बन गई है,जिसने लगातार पाँच मैचों में कम से कम तीन-तीन गोल किए हैं। यह उपलब्धि फ्रांसीसी टीम की आक्रामक शैली,संतुलित संयोजन और लगातार शानदार प्रदर्शन को दर्शाती है। पूरे टूर्नामेंट में फ्रांस ने जिस तरह का फुटबॉल खेला है,उसने उसे खिताब के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल कर दिया है।
मुकाबले के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे मैच में अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। उनके अनुसार यह जीत टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि नॉकआउट चरण में कोई भी मुकाबला आसान नहीं होता।
डेसचैम्प्स ने कहा कि पहले हाफ में फ्रांस अपने कुछ मौकों का और बेहतर उपयोग कर सकता था,लेकिन कुल मिलाकर टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और जीत की पूरी हकदार रही। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और एकजुटता की भी सराहना करते हुए कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम लगातार बेहतर होती जा रही है।
इस जीत के साथ फ्रांस ने सातवीं बार विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले फ्रांसीसी टीम 1986, 1998, 2006, 2014, 2018 और 2022 में भी इस चरण तक पहुँच चुकी थी। इसके अलावा लगातार चौथी बार राउंड ऑफ 16 में पहुँचने का रिकॉर्ड भी फ्रांस के नाम हो गया है। इस मामले में उससे आगे केवल ब्राजील की टीम है, जिसने विश्व कप इतिहास में इससे अधिक लगातार नॉकआउट चरण में जगह बनाई है।
अब फ्रांस का अगला मुकाबला 5 जुलाई को फिलाडेल्फिया में पराग्वे के खिलाफ होगा। यह मुकाबला भी बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पराग्वे ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित और संघर्षपूर्ण खेल दिखाया है। दक्षिण अमेरिकी टीम अपनी मजबूत रक्षा और तेज पलटवार के लिए जानी जाती है,इसलिए फ्रांस को अगले दौर में भी पूरी तैयारी के साथ उतरना होगा।
डिडिएर डेसचैम्प्स ने अगले मुकाबले को लेकर भी खिलाड़ियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम आज की जीत का आनंद जरूर उठाएगी,लेकिन अब पूरा ध्यान अगले मैच पर रहेगा। उनके अनुसार पराग्वे एक बेहद मजबूत और जुझारू टीम है,जिसके पास कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पराग्वे ने यहाँ तक का सफर किसी संयोग से नहीं बल्कि अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर तय किया है। इसलिए फ्रांस को उसी एकाग्रता, अनुशासन और संकल्प के साथ मैदान पर उतरना होगा,जैसा उसने स्वीडन के खिलाफ दिखाया।
फ्रांस की मौजूदा फॉर्म,मजबूत आक्रमण,संतुलित मिडफील्ड और अनुभवी रक्षा को देखते हुए टीम लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुँचने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। किलियन एमबाप्पे जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी की मौजूदगी ने टीम की ताकत को और बढ़ा दिया है। अब फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें अगले मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ फ्रांस अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाने की कोशिश करेगा।
